एक के बाद एक विवादिन बयानों से चर्चा में बने हुए केजरीवाल पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने केजरीवाल को पैसे वाले मामले में अब दोषी माना है। आयोग का मानना है कि इस तरह के बयानों से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है।
केजरीवाल इस तरह के बयान देकर चुनावों में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। आपको बता दें कि केजरीवाल को चुनाव आयोग ने इससे पहले आचार संहिता के उल्लंघन का नोटिस जारी किया था, लेकिन उस नोटिस का केजरीवाल पर कोई असर नहीं हुआ।
नोटिस मिलने के तुरंत बाद ही फिर से अरविंद ने उसी तरह का बयान देकर सबको चौंका दिया था। आप संयोजक ने कृष्णा नगर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए नोटिस पर ही पलटवार तक कर दिया था।
अरविंद ने कहा था कि तकलीफ उनको इस बात की है। अगर मैं यह कह देता कि जिससे पैसा लो वोट भी उनको ही दो, तो बहुत खुश हो जाते। अब अपने पड़ोसियों को भी कह देना कि कांग्रेस को वोट ना दें।
अब बढेंगी केजरीवाल की मुश्किलें
अब इस मामले में आयोग कोई भी कोताही बरतने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में अरविंद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नोटिस को गंभीरता से ना लेने पर ये तक कहा गया कि केजरीवाल पर चुनाव आयोग के नोटिस का असर बेअसर हो रहा है।
कांग्रेस की शिकायत पर आयोग ने केजरीवाल को नोटिस जारी किया था। इससे पहले प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी केजरीवाल के खिलाफ सांप्रद्रायिक हिंसा भड़काने की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसका अब असर देखने को मिल रहा है।
केजरीवाल ने 18 जनवरी को पहली बार उत्तम नगर की जनसभा में लोगों को कांग्रेस और बीजेपी से पैसा लेने के लिए उकसाया था। कांग्रेस ने मामले की शिकायत चुनाव आयोग को दी जिसमें कहा गया है कि लोगों को इस तरह से उकसाना रिश्वत लेने की पेशकश जैसा अपराध है।
कांग्रेस के केसी मित्तल ने ये कहा भी था कि अगर केजरीवाल इस नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
क्या था केजरीवाल का बयान जिस पर मचा बवाल
जनसभा में केजरीवाल ने कहा था कि दोनो ही पार्टियां आएंगी चुनाव का टाइम है। पैसे देने भी आएंगे, दोनों पार्टियां आएंगी। बीजेपी वाले भी, कांग्रेस वाले भी।
पैसे देने आएं मना मत करना ले लेना। दोनों की पार्टियों से ले लेना। अपना ही पैसा लूट रखा है इन्होंने। किसी ने 2जी में लूट लिया किसी ने कोयले में लूट लिया।
कोई पार्टी न देने आए तो उनके दफ्तर जाकर ले लेना। कहना कि आए नहीं इंतजार कर रहे थे आपका। दोनों पार्टियों से लेंगे पैसा लेकिन वोट आप को देंगे।