कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में बड़ी आशंका जाहिर की है। डीएमए ने लिखा है कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो दो सप्ताह बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
उन्होंने कोरोना जांच को लेकर असमंजस की स्थिति बताते हुए सीएम से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। पूछा है कि सरकार यह भी स्पष्ट करे कि वे कोरोना मरीज की जांच किस प्राइवेट या सरकारी लैब में कराने के लिए सलाह दे सकते हैं।
डीएमए अध्यक्ष डॉ. बीबी वाधवा ने पत्र में यह भी लिखा है कि दिल्ली में लैब की क्षमता और संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। सर्जरी व अन्य से पहले कोविड टेस्ट होने चाहिए। बड़े स्तर पर लोगों को मास्क लगाने, हाथ धोने, और सोशल डिस्टेंस को बनाए रखने के लिए जागरूक करना होगा।
नॉन कोविड वार्ड में भी संक्रमण रोकने के लिए बड़े स्तर पर कोशिश करनी होगी। उन्होंने महामारी की इस लड़ाई में सरकार का हर कदम पर साथ देने का भरोसा भी दिलाया है।
तीन और निजी अस्पताल कोविड विशेष घोषित
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्ली सरकार ने तीन और अस्पतालों को कोविड विशेष घोषित किया है। इनमें सर गंगाराम सिटी अस्पताल, मूलचंद और सरोज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शामिल हैं।
सरकार ने सर गंगाराम अस्पताल में 20 फीसदी बेड अन्य मरीजों के लिए भी रखे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब राजधानी में पांच सरकारी और 6 निजी अस्पताल कोविड विशेष बन गए हैं। इनमें एलएनजेपी, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी, दीपचंद बंधु, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र, जीटीबी, गंगा राम कोलमेट, मैक्स साकेत, अपोलो, सर गंगाराम सिटी अस्पताल, मूलचंद अस्पताल और सरोज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शामिल हैं।
59 इलाके कंटेनमेंट जोन से बाहर, 163 सील
अनलॉक-1 में कंटेनमेंट जोन की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। दिल्ली में 222 तक यह आंकड़ा पहुंचा। हालांकि, फिलहाल 163 कंटेनमेंट जोन हैं। 222 से 59 इलाके कंटेनमेंट जोन से बाहर हो गए हैं। सबसे ज्यादा 31-31 कंटेनमेंट जोन उत्तरी और दक्षिण पश्चिमी जिले में हैं।
इसी तरह दक्षिणी व दक्षिण-पूर्व में 27-27 कंटेनमेंट जोन हैं। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण मिलने से बीते 48 घंटों में कंटेनमेंट जोन बढ़ते जा रहे हैं। फिलहाल 163 इलाके सील है, जबकि पिछले दिनों 147 इलाके दिल्ली में सील किए गए थे।