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छेड़छाड़ करने वालों की चौंकाने वाली सच्चाई

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राजधानी में दर्ज मोलेस्टेशन (शारीरिक छेड़छाड़ व छेड़छाड़) के ज्यादातर मामलों में पड़ोसी ओर पारिवारिक मित्र ही आरोपी बनाए गए हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल जनवरी से 15 अक्तूबर तक 3485 मामलें दर्ज हुए हैं जिसमें करीब 25 फीसदी अभी भी अनसुलझे हैं।
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न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्घार्थ मृदुल की खंडपीठ के समक्ष हाल ही मेें दिल्ली पुलिस द्वारा पेश रिपोर्ट के अनुसार दुष्कर्म के मामलों के समान शारीरिक छेड़छाड़ व छेड़छाड़ के मामलों में भी युवतियों को पड़ोसियों से ज्यादा खतरा है।

घर के बाहर या फिर सड़कों पर छेड़छाड़ की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार छेड़छाड़ के 3485 दर्ज मामले में से 2287 मामलों को सुलझाकर 2867 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दबोचे गए आरोपियों में 727 मामलों में अज्ञात लोग छेड़छाड़ में लिप्त पाए गए जबकि अन्य मामलों में जानकर ही आरोपी थे।
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आरोपियों की शिक्षा

दबोचे गए 2867 आरोपियों में 230 अशिक्षित थे। जबकि 944 ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी। वहीं 10वीं पास की संख्या 1230 थी। जबकि 12वीं पास की संख्या 371 थी। वहीं 87 आरोपी स्नातक व 7 प्रोफेशनल्स थे।

ज्यादातर आरोपी हैं युवा
गिरफ्तार आरोपियों में 2507 की उम्र 18 से 35 के बीच है। जबकि 96 की आयु 18 वर्ष से कम है। वहीं  226 की 35 से 50 के बीच व 38 का आयु 50 वर्ष से ज्यादा है।

मध्य वर्ग की युवतियां होती हैं शिकार
कुल 3485 में से 2903 मध्यवर्ग की युवतियां हैं। वहीं गरीब वर्ग से 565 से व उच्च वर्ग से 17 से छेड़छाड़ हुई।
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पीड़िताओं की उम्र

3485 मामलों में से 131 की उम्र 7 से 12 वर्ष थी। जबकि 383 की उम्र 12 से 16 वर्ष थी। 307 की आयु 16 से 18 वर्ष, 1159 की आयु 18 से 25 वर्ष, 1451 की आयु 25 वर्ष से ज्यादा है।

ईव टीजिंग के मामले
रिपोर्ट के अनुसार 1 जनवरी 2014 से 15 अक्तूबर तक 1024 मामले दर्ज किए गए, इनमें से 567 मामलों में बाहर के आरोपी निकले जबकि अन्य मामलों में रिश्तेदार। इनमें से 554 मामलों को सुलझाकर 667 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
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