-रामानुजन, दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज ने अपने फेस्ट स्थगित किए
-स्थगित करने के लिए प्रशासनिक कारणों का दिया हवाला
-अचानक स्थगित होने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा
-डीयू की 24 फरवरी को होने वाली वार्षिक फूल प्रदर्शनी भी हो सकती है स्थगित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में होने वाले वार्षिक फेस्ट पर डीयू में पब्लिक मीटिंग, जुलूस और प्रदर्शन पर लगी रोक का साया मंडराने लगा है। कुछ कॉलेजों ने अपने वार्षिक फेस्ट स्थगित करने शुरू किए हैं। सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे कॉलेजों ने फेस्ट स्थगित करने के लिए प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है। अचानक स्थगित होने के कारण कॉलेजों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। वहीं डीयू की 24 फरवरी को होने वाली वार्षिक फूल प्रदर्शनी भी स्थगित हो सकती है।
डीयू ने बीते मंगलवार को कैंपस में एक महीने के लिए किसी भी तरह के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। इस रोक के तहत यूनिवर्सिटी परिसर में सार्वजनिक बैठकों, जुलूसों, प्रदर्शनों और किसी भी प्रकार के विरोध कार्यक्रम की इजाजत नहीं होगी। डीयू ने बीते सप्ताह यूजीसी इक्विटी नियमों को लेकर एक कार्यक्रम के दौरान दो गुटों के हंगामे के बाद लिया है। इस रोक के तत्काल बाद रामानुजन कॉलेज ने 19-20 फरवरी को होने वाले अपने वार्षिक फेस्ट जोश को स्थगित कर दिया है। इस संबंध में कॉलेज की ओर से एक नोटिस भी निकाला गया है। इस नोटिस में कहा गया है कि फेस्ट को स्थगित प्रशासनिक कारणों से किया जा रहा है। कॉलेज की ओर से जल्द ही नई तारीख की घोषणा की जाएगी।
रामानुजन कॉलेज के एक शिक्षक ने कहा कि फेस्ट तय था लेकिन इसके अचानक स्थगित किए जाने से दो से तीन लाख का नुकसान उठाना पड़ेगा। कॉलेज को जल्द ही नई तिथियों की सूचना जारी करनी चाहिए, क्योंकि 28 तारीख से सेमेस्टर ब्रेक हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि इस संबंध में डीयू प्रशासन से भी बात की जा रही है जिससे कि कुछ बीच का रास्ता निकाला जाए। वहीं दयाल सिंह सांध्य कॉलेज ने भी एक नोटिस के माध्यम से सूचित किया है कि वार्षिक फेस्ट रजनीगंधा को प्रशासनिक कारणों से अगले आदेश तक स्थगित किया जा रहा है। नई संशोधित तिथियां जल्द ही जारी की जाएंगी। इस तरह से वार्षिक फेस्ट स्थगित किए जाने से छात्र व शिक्षक हैरान हैं।
एक शिक्षक ने कहा कि डीयू की ओर से जुलूस, पांच लोगों के एकत्र होने पर लगी रोक के बाद यह माना जा रहा था कि फेस्ट स्थगित करने पड़ेंगे, क्योंकि फेस्ट में तो बहुत लोग एकत्र होते हैं। कयास है कि कुछ कॉलेज स्थगित करने की बजाए बीच का रास्ता निकालने में लगे हैं, जबकि कुछ कॉलेज तय समय पर अपने वार्षिक महोत्सव करेंगे। दरअसल इस माह के बाद ब्रेक और फिर परीक्षाओं का दौर शुरू हो जाएगा। ऐसे में कॉलेजों के पास यही महीना फेस्ट कराने के लिए है।