राजधानी में कोरोना संक्रमण से हालात अब बेहतर होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली में संक्रमण की दूसरी लहर का चरम बीत चुका है। अब स्थिति को बहुत हद तक नियंत्रित कर लिया गया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में वायरस और कमजोर होता जाएगा।
केजरीवाल ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि 17 सितंबर को दिल्ली में संक्रमण की दूसरी लहर चरम पर पहुंच गई थी, तब एक दिन में ही करीब 4500 मरीज मिले थे, लेकिन अब दो सप्ताह
से हालात बदलते जा रहे हैं। संक्रमण दर 6 फीसदी के करीब है और रिकवरी दर 90 फीसदी से ज्यादा पहुंच गई है।
इसके साथ ही अस्पतालों में 10 हजार बेड खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जांच बढ़ाने से संक्रमण पर काबू पाने में मदद मिल रही है। अब प्रतिदिन 60 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं। अगस्त में यह आंकड़ा 20 हजार का था। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 9-19 सितंबर के दौरान दैनिक मरीजों में काफी उछाल आया था। उस दौरान रोज औसतन 4200 मरीज मिल रहे थे। अब दस दिन से रोज 3500 से कम मरीज मिल रहे हैं। मृत्युदर भी दो फीसदी से नीचे बनी हुई है।
राजीव गांधी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. बीएल शेरवाल ने कहा कि सितंबर के दूसरे सप्ताह के दौरान अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। पहले के मुकाबले कम मरीज भर्ती हो रहे हैं। एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि 12 से 18 सितंबर के दौरान अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज बढ़ने लग गए थे। उस समय एक दिन में करीब 100 मरीज भर्ती हो रहे थे। अब यह संख्या काफी कम रह गई है। कहा जा सकता है कि दिल्ली में संक्रमण की दूसरी लहर का चरम बीत गया है।
65 फीसदी से ज्यादा बेड खाली
राजधानी के कोविड अस्पतालों में 65 फीसदी से अधिक कोविड बेड खाली पड़े हैं। इस समय अस्पतालों में 15834 बेड की व्यवस्था है। इनमें से 5571 पर मरीज भर्ती हैं और 10263 खाली हैं। दो सप्ताह से
अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या लगातार घट रही है।