एमएवी की ओर से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली । विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पहले मदर्स अगेंस्ट वेपिंग (एमएवी) की ओर से कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। इसमें डॉक्टर, वैज्ञानिक और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए। सेमिनार में युवाओं में वेपिंग, ई-सिगरेट और निकोटिन पाउच के बढ़ते इस्तेमाल पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि वेपिंग के बढ़ते मामलों को संसद में मजबूती से उठाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया प्रचार के कारण बच्चे और किशोर वेपिंग को फैशनेबल और सुरक्षित मानने लगे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सार्वजनिक स्थानों पर वेपिंग कर युवाओं को गलत संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वेपिंग और ई-सिगरेट किशोरों के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करता है।
अवैध बिक्री पर जताई चिंता
विशेषज्ञों ने बताया कि देश में प्रतिबंध के बावजूद वेप और निकोटीन उत्पादों की सप्लाई जारी रहना चिंता का विषय है। आईसीएमआर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च की निदेशक डॉ. शालिनी सिंह ने बताया कि वेपिंग को कम नुकसान वाला विकल्प बताने वाले कई शोध तंबाकू उद्योग से प्रभावित पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं में गलत जानकारी तेजी से फैल रही है, जिसे रोकने के लिए मिलकर काम करना होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय के वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. राज कुमार ने बताया कि युवा जिज्ञासा, दोस्तों के दबाव और फैशन के कारण वेपिंग की ओर बढ़ रहे हैं।