तीन साल का मासूम शौर्य रेलवे स्टेशन से लापता नहीं हुआ था, उसका अपहरण किया गया है। जीआरपी ने बच्चे के गुम होने की सूचना पर सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो खुलासा हुआ।
फुटेज में बच्चे को एक साधु के साथ देखा गया। साधु प्लेटफार्म एक-दो के ऊपर पुल पर बच्चे को बाहर की ओर ले जाते कैमरे में कैद है। अब जीआरपी ने टीमें गठित कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी है।
रेलवे में खलासी का काम करने वाले बसंत कुमार का इकलौता बेटा शौर्य 29 अक्तूबर को एक दूसरे बच्चे गौरव (4) के साथ रेलवे कालोनी आर्य नगर से खेलते हुए स्टेशन पहुंच गया था।
बाद में गौरव तो मिल गया लेकिन शौर्य लापता हो गया। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद जीआरपी साधु की पहचान करने का प्रयास कर रही है। हालांकि सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी अच्छी न होने की वजह से पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है।
दो बच्चियों का भी हो चुका है अपहरण
इस घटना से पहले जून 2014 में दो बच्चियों का भी रेलवे स्टेशन से अपहरण हो चुका है। एक जून को विजय नगर की रहने वाली सीमा (11) रेलवे स्टेशन से लापता हो गयी थी।
आठ जून को अपनी मां के साथ प्लेटफार्म पर सोयी नौ माह की बच्ची चुलबुली का अपहरण हो गया था। दोनों मामलों में जीआरपी को सफलता नहीं मिली है।