आंधी में टावर गिरने के बाद मची आफत में पावर कारपोरेशन को नई तकनीक की याद आ गई है। तीन साल से ठंडे बस्ते में पड़ी पावर स्टेशन न्यू स्टाइल स्कीम को अब लागू करने की तैयारी की जा रही है।
यह जापानी तकनीक है, जिससे महत्वपूर्ण पावर स्टेशनों और कालोनियों को इंटर ड्यूल कनेक्ट कर दिया जाता है। ऐसे में किसी समस्या के समय तत्काल दूसरी साइड से सप्लाई आन कर दी जाती है। इसमें खर्च ज्यादा होता है।
यह है योजना
इस तकनीक का प्रयोग सबसे पहले जापान में हुआ था। इसमें प्रमुख शहरों में इंटर कनेक्ट ग्रिड बना लिया जाता है। इसमें डबल लाइन तैयार करनी होती है। इस स्कीम में पावर स्टेशनों को थ्री साइड इनकमिंग और प्रमुख कालोनियों को डबल साइड इनकमिंग सप्लाई सिस्टम पर रखा जाता है। नगरों की प्रमुख सुविधाओं अस्पतालों और पेयजल संयंत्रों को भी इससे जोड़ दिया जाता है।
यह होता है फायदा
फाल्ट होने पर किसी भी पावर स्टेशन या कालोनी को तत्काल दूसरी साइड या दूसरी लाइन से स्विच आन कर दिया जाता है। इससे लोगों को लंबे पावर कट से जूझना नहीं पड़ता है। सूबे में लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद आदि में इस तरह का पावर स्ट्रक्चर सिस्टम तैयार कर लिया गया है। अब कारपोरेशन की स्ट्रक्चर विंग ने इसपर काम शुरू कर दिया है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड पावर स्कीम 2031 में इसको शामिल किया गया था।