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पार्कों में अब स्मोकिंग की तो लगेगा जुर्माना

Wed, 03 Feb 2016 01:07 AM IST
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
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जीडीए द्वारा विकसित पार्कों में मॉर्निंग वॉक करना अब और भी हेल्दी होने जा रहा है। अपने विकसित पार्कों को जीडीए ने पूरी तरह से धूम्रपान से मुक्त करने की कवायद शुरू कर दी है।
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डीएम विमल कुमार शर्मा  का कहना है कि लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क की तरह ही गाजियाबाद के सभी पार्क में धूम्रपान और गुटखा को प्रतिबंधित किया जाएगा।

डीएम ने बताया कि जीडीए द्वारा हिंडन नदी तट पर करहैड़ा गांव के पास 175 एकड़ में सिटी फॉरेस्ट, राजेंद्र नगर में 40 एकड़ जमीन पर डा. राम मनोहर लोहिया पार्क, वैशाली मेट्रो जोन एरिया स्थित 25 एकड़ में डा. भीमराव अंबेडकर पार्क, 23 एकड़ में चित्रगुप्त पार्क, कृष्ण वाटिका और सोडियम पार्क के अलावा राजनगर में करीब 23 एकड़ में सेंट्रल पार्क डेवलप किया गया है।

जीडीए द्वारा इन सभी पार्कों का उच्चकोटि का रखरखाव किया जाता है। प्रतिदिन हजारों लोग इन पार्क में सैर करने आते हैं। इनमें से कुछ पान, बीडी गुटखा और सिगरेट पीते हैं। इससे न केवल पार्क में गंदगी होती है, बल्कि आबोहवा दूषित होने से वहां आने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
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जीडीए वीसी विजय यादव ने बताया कि लखनऊ में जनेश्वर मिश्र पार्क में धूम्रपान पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। इसके लिए पार्क के गेट पर चिकित्सा विभाग की ओर से चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।

इसी तर्ज पर गाजियाबाद के पार्कों में भी धूम्रपान प्रतिबंधित किए जाने को अब डीएम को पत्र लिखा गया है। जल्द ही इन पार्कों में धूम्रपान प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसकेबाद वहां धूम्रपान करने वाले लोगों से जुर्माने के रूप में मोटी रकम वसूल की जाएगी।

तो अब घरों में चलते शोरूम नर्सिंग होम होंगे सील
आवासीय क्षेत्रों में संचालित हो रहीं व्यावसायिक गतिविधियों पर नए सिरे से कार्रवाई की तैयारी जीडीए ने शुरू कर दी है।

जीडीए वीसी ने सभी आठों जोन के अभियंताओं से ऐसी संपत्तियों की सूची एक सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

आवासीय लैंडयूड पर संचालित हो रहे स्कूल, नर्सिंग होम, बैंक, शोरूम आदि की सूची तैयार कर इन पर कार्रवाई की जाएगी।

तीन वर्ष पूर्व हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद जीडीए ने सभी आठ जोन के आवासीय निर्माणों का सर्वे कराया था। जनवरी-फरवरी 2014 में पूरे हुए सर्वे में 8145 मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती मिलीं थीं।

इनमें से करीब 7000 आवासीय इमारतों में दुकानें और बाकी में नर्सिंग होम, बैंक, अस्पताल, प्ले स्कूल आदि बने थे। संजय नगर, शास्त्रीनगर, कवि नगर, पटेल नगर, वैशाली, इंदिरापुरम, गोविंदपुरम आदि क्षेत्रों में तो कई-कई ब्लाकों में घरों में दुकानें, शोरूम, एटीएम, बैंक, नर्सिंग होम, क्लीनिक आदि चल रहे हैं।

जीडीए ने इन निर्माणों को नोटिस भी जारी किया था। अक्तूबर-15 में जीडीए वीसी विजय यादव ने नए सिरे से सर्वे के निर्देश जारी किए थे।

जीडीए ओएसडी आरपी पांडेय ने बताया कि आवासीय क्षेत्रों में संचालित हो रहीं व्यावसायिक गतिविधियों वाली संपत्तियों की सूची एक सप्ताह में मांगी गई है। जल्द ही ऐसे निर्माण पर कार्रवाई की रूपरेखा बनेगी।
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