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स्वच्छता से उठेगा महिलाओं का जीवन स्तर : अर्ना सोलबर्ग

Mon, 07 Jan 2019 08:48 PM IST
राजेश सैनी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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Erna Solberg
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स्कूल जाने वाली छात्राओं और सामाजिक जिंदगी जीने के लिए महिलाओं के लिए स्वच्छता के साथ शौचालय बेहद जरूरी है। महिलाएं पहले ही जिंदगी में चुनौतियों का सामना करती हैं। ऐसे में खुले में शौचालय जाना बच्चियों के साथ महिलाओं के लिए भी मुश्किल भरा है। स्वच्छ भारत और खुले में शौच मुक्त अभियान मूलभूत और रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह बात सोमवार को लोनी के निठौरा गांव के पूर्व प्राथमिक विद्यालय का दौरा करने पहुंची नार्वे की प्रधानमंत्री अर्ना सोलबर्ग ने कही।   

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नार्वे की पीएम ने कहा स्वच्छता के साथ बालिका शिक्षा का सीधा जुड़ाव किसी देश के विकास की दिशा में उठाए गए कदम को दर्शाता है। स्वच्छता के स्तर पर वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को आगे बढ़ाने और वेस्ट को री-साइकिल करने की दिशा में मोदी सरकार का यह अच्छा कदम है। उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा के बगैर कोई देश विकास की सीढ़ी नहीं चढ़ सकता है। देश के विकास में आधी आबादी का बड़ा रोल है। ऐसे में गुणवत्ता पूर्ण माध्यमिक और उच्च शिक्षा से ही देश व महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। बाल विवाह, महिलाओं के प्रति हिंसा के साथ महिलाओं से जुड़े अन्य अपराधों को बालिका शिक्षा से दूर किया जा सकता है। 
      
उन्होंने ने कहा कि राजनीति हो या फिर अन्य कोई सेक्टर, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाए जाने की जरूरत है। दूसरी ओर सरकारों को बड़ी विकास योजनाओं के साथ चाइल्ड केयर, हेल्थ केयर सहित लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी अन्य समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है। जिससे बालिकाओं और महिलाओं की जिंदगी और आसान हो सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की सहभागिता से नार्वे का राजस्थान में प्रोजेक्ट चल रहा है। शिक्षा और इनोवेशन की इस सहभागिता का उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सिस्टम विकसित करने पर है। उन्होंने भारत में स्थानीय कम्युनिटी के साथ मिलकर महिला विकास, शिक्षा और स्वच्छता की दिशा में चलाए जा रहे अभियानों की सराहना की। 

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