फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद के दौरे से हरियाणा (खासकर गुड़गांव) में निवेश की संभावनाएं काफी हैं। गुड़गांव में फ्रांस की कई कंपनियां पहले से ही मौजूद हैं।
विदेश व्यापार और निवेश क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है शहर में मौजूदा फ्रांसीसी कंपनियों का विस्तार तेजी से होने की उम्मीद है। इससे यहां रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा। स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि फ्रांस के साथ वर्ष 2008 में व्यापारिक समझौता हुआ था।
इसके तहत दोनों देशों के बीच 12 बिलियन यूरो के व्यापार का लक्ष्य रखा गया था, जो अभी इस स्तर पर नहीं पहुंचा है, यह भी आगे बढ़ेगा।
यहां आईटी, टेलीकॉम सें संबंधित फ्रांसीसी कंपनियां हैं
साइबर सिटी में 250 फार्चून 500 कंपनियां हैं। यहां आईटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक और फूड प्रोसेसिंग से संबंधित फ्रांस की कंपनियां हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन कंपनियों ने अपना विस्तार यहां नहीं किया है।
अब वहां के राष्ट्रपति के दौरे से इसके लिए भी माहौल बनेगा। इसका कारण यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं।
हैपनिंग हरियाणा के तहत गुड़गांव सहित पूरे प्रदेश में अरबों डॉलर के निवेश की उम्मीद है। गुड़गांव से गारमेंट और ऑटो कंपोनेंट का फ्रांस में निर्यात होता है।
ऊर्जा क्षेत्र में फ्रांस दुनिया का नेतृत्व कर रहा है
गुड़गांव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष व द एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) फूड कमेटी के सदस्य पीके जैन ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में फ्रांस दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। ओलांद के दौरे से इस सेक्टर में विशेष प्रगति होने की पूरी संभावना है। 12 बिलियन यूरो के निवेश का भी लक्ष्य हासिल करने में इस दौरे से मदद मिलेगी।
आईटी सर्विसेज, कंसल्टिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली फ्रांस की कंपनी कैपजेमिनी की यहां शानदार उपस्थिति है। वहीं टेलीकॉम क्षेत्र की नोकिया सीमेंस कंपनी भी यहां पर है। फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र की कंपनी डेनोन के अलावा स्नाइडर इलेक्ट्रिक, एलस्टोन, बैंकिंग क्षेत्र की कंपनी बीईपी की यहां भरपूर मौजूदगी है।
हरियाणा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के चेयरमैन किशन कपूर का कहना है कि रिटेल सेक्टर की वैश्विक फ्रांसीसी कंपनी कैरे फोरस के फिर से आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में इस कंपनी ने देश से अपना कारोबार समेट लिया था। अब उसके फिर से शुरू होने की उम्मीद है। गुड़गांव का रिटेल क्षेत्र काफी व्यापक है। फ्रांस के राष्ट्रपति के आगमन से इस क्षेत्र में बूम आने की उम्मीद है।