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Delhi NCR News: खादी, हस्तशिल्प और डिजिटल स्किल्स से आत्मनिर्भर बनेगी नई पीढ़ी

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50 करोड़ की स्किल योजना से 2025-26 में 13,900 लोगों को मिलेगा प्रशिक्षण
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की 50 करोड़ की स्किल योजना युवाओं और कारीगरों के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है। यह योजना बेरोजगार युवाओं को रोजगार देगी और खादी, हस्तशिल्प जैसे पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़कर दिल्ली को सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।

दिल्ली सरकार ने दिल्ली खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) के जरिये 50 करोड़ की स्किल योजना शुरू करने की तैयारी कर ली है। सोमवार को दिल्ली सचिवालय में उद्योग मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह योजना 2025-26 में 13,900 लोगों को प्रशिक्षण देगी जिसमें 20 फीसदी को स्वरोजगार और 50 फीसदी को वेतन आधारित नौकरी मिलेगी। जल्द ही इसे लॉन्च कर दिया जाएगा।
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प्रत्येक जिले में खुलेंगे ट्रेनिंग सेंटर
इस योजना में खादी फैशन, सिलाई, परिधान व्यापार, लॉजिस्टिक्स और आईटी हेल्प डेस्क जैसे रोजगारपरक कोर्स शामिल हैं। प्रशिक्षण में डिजिटल टूल्स, एआई, मार्केटिंग और सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग भी होगी। 2,500 कारीगरों को टूलकिट और 500 को एक्सपोजर विजिट मिलेगा। हर जिले में ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे, ताकि दिल्ली शिल्प नवाचार का केंद्र बने।

50 फीसदी सीटें होंगी आरक्षित
मंत्री ने कहा, सरकार खादी और ग्रामोद्योग की सैकड़ों साल पुरानी कला को बचाने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ये कदम उठाने जा रही है। यह योजना पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगी। योजना में 50 फीसदी सीटें एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

अलग से उद्यमिता विकास कार्यक्रम भी
इसमें 10 दिन का अलग से उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) भी होगा, जो कारीगरों को व्यवसाय शुरू करने का हुनर सिखाएगा। एनएसडीसी, एनआईईएसबीयूडी और एटीडीसी जैसे संगठनों के साथ मिलकर यह योजना गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र, लोन और 400 रुपये मासिक भत्ता भी मिलेगा।
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कारीगरों को आर्थिक मदद भी मिलेगी
यह योजना पीएमईजीपी और केवीआईसी की सब्सिडी योजनाओं से जुड़ी है, जो कारीगरों को आर्थिक मदद देगी। मंत्री ने कहा कि हाल ही में डीकेवीआईबी के फैशन शो ने दिखाया कि पारंपरिक शिल्प आधुनिक बाजार में भी चमक सकता है। 2026-27 में 5,750 युवाओं और 8,625 कारीगरों को प्रशिक्षण और सीएसआर से अतिरिक्त फंड की योजना भी है। यह पहल दिल्ली के युवाओं और शिल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
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