पॉश कालोनी राजनगर में हुई 1.08 करोड़ की लूट की वारदात को अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले नए बदमाशों ने अंजाम दिया है।
पुलिस का मानना है कि लुटेरे गाजियाबाद में ही छुपे हैं। इतनी मोटी रकम को लेकर वह बाहर नहीं निकल सके हैं। बदमाश नए गैंगों की कुंडली खंगाल रही है।
पुलिस का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, हापुड़ में हुई लूट की वारदात में शामिल रहे नई उम्र के बदमाशों का ब्योरा पुलिस खंगाल रही है।
बदमाशों की तलाश में उनके ठिकानों पर जांच में जुटी अलग अलग टीमों ने दबिश दी है, उनसे मिलने जुलने वाले लोगों पर भी पुलिस ने शिकंजा कसा है।
कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस की टीम ने पूछताछ में जुटी है। पुलिस को अंदेशा है कि वारदात में मोबाइल का इस्तेमाल शायद नहीं किया गया है, हालांकि सर्विलांस टीम सीडीआर रिपोर्ट की बारीकी से जांच कर रही है।
बता दें कि मंगलवार दोपहर सवा बजे बिल्डर और कांट्रेक्टर अजय गर्ग के अकाउंटेंट और कर्मचारी से बदमाशों ने फायरिंग कर 1.08 करोड़ रुपये लूट लिए थे।
वारदात राजनगर में एसएसपी आवास के पास ओबीसी के सामने हुई थी। अंदेशा है कि सटीक मुखबिरी और रेकी के बाद वारदात की गई है। वारदात में किसी करीबी के भी शामिल होने का अंदेशा है।