नेशनल हाईवे पर जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों को बाटा पुल की शुरूआत होने से जाम से तो निजात मिल गई। लेकिन ट्रैफिक पुलिस के लिए बड़ी समस्या पैदा हो गई है।
इसका कारण यह है कि निर्माण कंपनी द्वारा आधी-अधूरी तैयारियों के साथ इसको चालू किया गया है। नया बाटा पुल यात्रियों की सुविधा की जगह हादसों का नया केन्द्र बनता नजर आ रहा है।
पुल के दोनों छोर सर्विस लेन से ठीक से नहीं जुड़े हैं, तो दूसरी ओर नीचे खोला गया रास्ता भी वाहनों के टकराव की वजह बन सकता है।
इसके अलावा पुल पर रोड लाइट, रिफ्लेक्टर आदि कमी भी हादसों का सबब बन सकती है। इसकी वजह से हाईवे पर अब 15 की जगह 21 दुर्घटना बहुल प्वाइंट हो गए हैं।
पुल के चालू होने के बाद पुलिस की समस्या बढ़ गई है कि कैसे दुर्घटनाओं को रोका जाए, इसके लिए पहले से सात ज्यादा ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई है।
पुल के नीचे चारों ओर से आने वाले ट्रैफिक की स्पीड ज्यादा होती है और एक साथ वह मर्ज हो जाता है। जिससे दुर्घटना के आसार ज्यादा हो जाते हैं।
इसके लिए निर्माण कंपनी ने कोई लाइट और अन्य किसी सुरक्षा के इंतजाम नही किए हैं। जिसके कारण पुल के ऊपर और नीचे छह दुर्घटना बहुल प्वाइंट्स में बढ़ोतरी हुई है।
पुल की कमियां
-रिफ्लेक्टर
-लाइट की व्यवस्था न होना
-लेन मार्किंग नहीं
-पुल पर चढ़ने और उतरते समय आधी बाउंड्री वाल
-अवैध कट
-गति अवरोधक का न होना