-विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने किया शुभारंभ
-अध्यक्ष बोले- प्रभावी जनसेवा तभी संभव, जब जनप्रतिनिधि शारीरिक रूप से हों स्वस्थ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विधायकों के लिए सोमवार को वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने संत परमानंद अस्पताल में इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रभावी जनसेवा तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सक्षम और भावनात्मक रूप से सकारात्मक हों। यह कार्यक्रम 14 फरवरी तक चलेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्वस्थ जनप्रतिनिधि ही सशक्त लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव होते हैं। विधायकों को लगातार जनता के बीच रहकर काम करना पड़ता है।उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच से बीमारियों की समय रहते पहचान होती है, साथ ही काम करने की क्षमता और ऊर्जा भी बनी रहती है। यह पहल दिल्ली विधानसभा के सभी सदस्यों से विचार-विमर्श और सहमति के बाद शुरू की गई है। हर दिन छह विधायक स्वास्थ्य परीक्षण कराएंगे। पहले दिन विधायक सूर्य प्रकाश खत्री, विधायक पूनम भारद्वाज और विधायक अनिल झा ने जांच कराई। यह स्वास्थ्य परीक्षण दो सप्ताह तक चलेगा और हर दिन पांच से छह विधायक इसमें हिस्सा लेंगे। अध्यक्ष ने खास तौर पर 40 वर्ष की आयु के बाद नियमित जांच की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि इस उम्र में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और भी अहम हो जाती है। हाल ही में लखनऊ में हुए अखिल भारतीय विधानसभा अध्यक्ष सम्मेलन में इस विषय पर चर्चा हुई थी। दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने वहां इस कार्यक्रम की जानकारी साझा की, जिसे अन्य राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों ने काफी सराहा।