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Delhi NCR News: एमसीडी में 76 हजार शिकायतें आईं पर 36 हजार पर ही हुई कार्रवाई

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एमसीडी के अपने आंकड़ों से खुली अवैध निर्माण पर कार्रवाई की पोल
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ एमसीडी की कार्रवाई पर उसके अपने आंकड़े ही सवाल खड़े कर रहे हैं। दस साल में अवैध निर्माण की 76,465 शिकायतें मिलीं, लेकिन एमसीडी ने 35,842 मामलों में ही तोड़फोड़ की कार्रवाई की। यानी कुल शिकायतों में आधी से भी कम, 46.88 प्रतिशत मामलों में ध्वस्तीकरण हुआ। शिकायतों और तोड़फोड़ की कार्रवाई के बीच 40,623 का अंतर रहा। ये आंकड़े एमसीडी ने सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए थे। आंकड़ों से साफ है कि हर 100 शिकायतों में औसतन केवल 47 मामलों में तोड़फोड़ की कार्रवाई दर्ज हुई। ऐसे में सवाल ये है कि अवैध निर्माण की शिकायतों पर एमसीडी की कार्रवाई कितनी प्रभावी रही और शिकायत मिलने से लेकर अंतिम कार्रवाई तक की निगरानी किस स्तर पर हुई।
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एमसीडी की ओर से शिकायतों के तहत नोटिस, सीलिंग और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी अपनाई जाती है। लेकिन 76 हजार से अधिक शिकायतों के मुकाबले सिर्फ 35,842 मामलों में तोड़फोड़ का आंकड़ा यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि बाकी मामलों का निस्तारण किस तरह किया गया। आंकड़ों का पैमाना बताता है कि यह किसी एक साल या किसी एक घटना की तस्वीर नहीं है। पूरे 10 साल में बड़ी संख्या में अवैध निर्माण की शिकायतें एमसीडी तक पहुंचीं। इसके बावजूद शिकायतों की कुल संख्या और ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बीच 40 हजार से अधिक का अंतर बना रहा। सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा को लेकर एमसीडी की जिम्मेदारी पर सवाल फिर उठे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए ये आंकड़े एमसीडी की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और प्रवर्तन कार्रवाई की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
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