अव्यवस्थित पार्किंग, अतिक्रमण, टूटी सड़कों और बदहाल इंफ्रास्ट्रक्टर की मार झेल रहे राजनगर डिस्ट्रिक सेंटर (आरडीसी) की सूरत जल्द बदलने वाली है।
लैंडस्केप के साथ चौड़ी सड़कें, हरियाली के बीच पार्किंग की सुविधा, कनॉट प्लेस (सीपी) की तर्ज पर पब्लिक प्लाजा, खानपान के माडर्न कियोस्क जैसी सुविधाएं आरडीसी में होंगी। यूनिक शैली वाला एंट्री गेट आरडीसी की सुंदरता में चार चांद लगाएगा।
जीडीए आरडीसी के कायाकल्प की प्रक्रिया 15 अक्तूबर से शुरू करेगा और जून 2015 तक काम पूरा करेगा। वीसी संतोष यादव ने बुधवार को बताया कि करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से आरडीसी को विकसित किया जाएगा।
लोगों को यहां कनॉट प्लेस जैसा अनुभव होगा। ग्रीन कांसेप्ट पर काम करते हुए करीब 20 फीसदी क्षेत्र में हरियाली होगी। इस दौरान जीडीए सीएटीपी एससी गौड़, मुख्य अभियंता वीके गोयल, अतुल शर्मा आदि रहे।
मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट टला
आरडीसी में पहले मल्टीलेवल पार्किंग का भी प्रस्ताव था, लेकिन निर्माण लागत को देखते हुए टाल दिया गया। भविष्य में जरूरत होने पर इसका निर्माण होगा।
बनवाई यूनिक डिजाइन
कायाकल्प की डिजाइन लखनऊ की कंसलटेंट फर्म ने तैयार की है। जीडीए अधिकारियों ने कंसलटेंट फर्म के पूर्व की डिजाइन को नकारते हुए दोबारा डिजाइन तैयार करवाई। फिर नए कांसेप्ट की डिजाइन पास की गई है।
यह होंगी सुविधाएं
एंट्री गेट : अत्याधुनिक डिजाइन वाला एंट्री गेट शहर में अपनी तरह का इकलौता गेट होगा।
पब्लिक प्लाजा : गौड़ मॉल के बगल में खाली जगह में गोलाकार प्लाजा बनेगा। बीच में फाउंटेन होगा। लैंडस्केप, लाइटिंग के बीच बेंच होंगी। पूरे क्षेत्र में 20 माडर्न कियोस्क के साथ पार्किंग होगी।
पार्किंग : जोनवार पार्किंग बनेगी, हर जोन के लिए निर्धारित जगह ही खड़ी करनी होंगी गाड़ियां। जगह-जगह एलसीडी स्क्रीन से होगी जान की जानकारी। 600 गाड़ियों को खड़ी करने की जगह होगी। पार्किंग को होगी ग्रीन कांसेप्ट से विकसित।
ट्रांसफार्मर : पूरे क्षेत्र में आर्नामेंटल बिजली के पोल व लाइट्स लगेंगी। आधुनिक शैली और कम जगह लेने वाले कांपैक्ट ट्रांसफार्मर लगेंगे।
रोड : तीन मीटर चौड़े फुटपाथ और लैंडस्केप के साथ रोड बनगी । ड्रेनेज में होगा सुधार।