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कोर्ट ने कहा- रेप के फर्जी मामले में कानून का उड़ता है मजाक, आरोपी महिला पर कार्रवाई के निर्देश

Mon, 15 May 2017 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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Demo Pic - फोटो : google
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झूठे रेप के आरोप से संबंधित व्यक्ति अपमानित ही नहीं होता, बल्कि उसकी प्रतिष्ठा भी नष्ट होती है। ऐसी महिला पर गलत साक्ष्य देने के अपराध में आपराधिक कार्यवाही होनी जरूरी है। अदालत ने उक्त टिप्पणी करते हुए डांस टीचर को रेप के आरोप से बरी कर दिया और महिला के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।  
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैल जैन ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे मामलों से कानूनी प्रक्रिया का मजाक बन जाता है और अदालत को भी बहुमूल्य समय नष्ट होता है। अदालत ने कहा ऐसे मामलों में पुलिस अथॉरिटी का भी झूठी सूचनाएं देकर उपयोग किया जाता है। ऐसे में फर्जी रेप का मामला दर्ज करवाने वाली महिलाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है। 
     
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि महिला के बयानों व तथ्यों से स्पष्ट है कि उसने डांस टीचर पर धोखाधड़ी व रेप का फर्जी मामला दर्ज करवाया था। महिला पूरी तरह से जानती थी कि वह झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा रही है और न ही उससे रेप हुआ और न ही आरोपी ने उससे विवाह का वायदा किया था।      
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अदालत ने कहा उनकी राय में महिला ने झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाने में जानबूझ कर पुलिस को गलत जानकारी दी। महिला ने आरोपी बनाए गए व्यक्ति की प्रतिष्ठा नष्ट करने के लिए पुलिस का सहारा लिया। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि उक्त महिला के खिलाफ झूठी सूचना देने व संबंधित व्यक्ति की प्रतिष्ठा नष्ट करने की कार्रवाई की जाए।   
   
अदालत ने कहा महिला ने न्यायिक व्यवस्था को मजाक बना दिया और अदालत का समय नष्ट किया। आरोपी व्यक्ति को इस आरोप के चलते अपमान का सामना करने के अलावा प्रतिष्ठा भी नष्ट हुई और व तीन माह न्यायिक हिरासत में भी रहा। उसे मुकदमेबाजी पर खर्च अलग से करना पड़ा।      

अदालत ने कहा कि गवाही के दौरान महिला ने स्वयं स्वीकार किया कि उसके साथ रेप नहीं हुआ। उनके बीच शारीरिक संबंध दोनों की आपसी रजामंदी से बने थे, अब दोनों के बीच समझौता हो गया है। अदालत ने कहा यह आरोप गंभीर प्रकृति का है और महिला ने ऐसे मामले में आरोपी को फंसाया है। संबंधित व्यक्ति ने मुकदमे का सामना किया और अब उसे बरी किया जा रहा है।    
 
महिला ने वर्ष 2016 में आरोप लगाया था कि आरोपी ने विवाह का झूठा वायदा कर एक वर्ष तक उससे रेप करता रहा है। अदालत ने समक्ष वह अपने बयानों से मुकर गई और कहा कि वर्ष 2015 में उसे आरोपी बनाए गए डांस टीचर से प्यार हो गया और उनकेबीच शारीरिक संबंध बन गए थे। इसके बाद दोनों में विवाद हो गया व उसने रेप का मामला दर्ज करवा दिया।      
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