अतिक्रमण, ऑटो और ई-रिक्शा खड़े होने से लगता है जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। अगर आप खरीदारी करने के लिए गांधी नगर मार्केट जा रहे हैं तो मानसिक रूप से तैयार होकर हो जाएं, क्योंकि मार्केट में प्रवेश करने से पहले आपको जाम से जूझना पड़ेगा। राजधानी के इस बाजार के बाहर पुस्ता रोड पर रेहड़ी-पटरी, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने ऐसे कब्जा कर रखा है जैसे यह उनकी निजी संपत्ति हो। वाहन रेंग-रेंग के चलते हैं जिस वजह से व्यापारियों, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुस्ता रोड पर बने फुटपाथ पर रेहड़ी-पटरी वाले सुबह से ही अपनी दुकानें सजा लेते हैं। साथ ही इनके आगे ऑटो और ई-रिक्शा वाले अपने वाहन खड़े कर लेते हैं। इस कारण आधा रोड इनके कब्जे में हो जाता है। ऐसे में रोड जाम हो जाती है और वहां से गुजरने वाले वाहनों को जाम से निकलने में सामान्य से अधिक समय लग जाता है। व्यापारियों का कहना है कि कई बार तो यह लोग पुस्ता रोड से मार्केट के अंदर जाने वाले रास्तों के आगे ही अपनी रेहड़ी, ऑटो और ई-रिक्शा खड़े कर देते हैं। इस वजह से रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता हैं। रास्ता बंद होने से लोग दुकानों पर नहीं पहुंच पाते हैं और कई बार ग्राहक बाहर से ही वापस चले जाते हैं जिससे उनको व्यापार में भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
पुस्ता रोड पर करीब डेढ़ किलोमीटर तक फैले कपड़ा बाजार के पास फुटपाथ पर कई समोसे और तंदूर की रेहड़ियां लगती हैं। यह रेहड़ी वाले खुले में गैस सिलिंडर रखकर आग जलाते हैं और समोसे, तंदूरी रोटियां बनाते हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
रनवीर सिंह, संरक्षक, मार्केट एसोसिएशन
-
रोड पर अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति रहती है। ऑटो और ई-रिक्शा चालक बीच रोड पर ही ऑटो और ई-रिक्शा खड़े कर देते हैं। ऐसे में वाहनों चालकों को निकलने में परेशानी होती है। -
पिंटू, दुकानदार