सदर थाने में शनिवार को गोली लगने से हुई निरीक्षक कुलदीप की मौत के मामले की जांच बैलेस्टिक रिपोर्ट और परिजनों के बयान पर टिक गई है। इसके आधार पर ही पुलिस जांच आगे बढ़ाएगी। ताकि मामले में सही कार्रवाई की जा सके।
नारनौल के गांव बनिहाड़ी निवासी इंस्पेक्टर कुलदीप दहिया की शनिवार दोपहर में सदर थाना परिसर में गोली लगने से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव उसके परिजनों को सौंप दिया था।
शनिवार देर रात करीब 8 बजे उनके पैतृक गांव बनिहाड़ी में उनका दाह संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के समय डीसीपी ईस्ट दीपक सहारन भी मौजूद रहे। इस मौके पर गुरुग्राम पुलिस द्वारा सलामी दी गई।
बनिहाड़ी निवासी झाबरमल के तीन पुत्रों में जेपी दहिया नारनौल कॉलेज में प्रोफेसर और दूसरे बेटे ब्रह्मप्रकाश सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यरत हैं। जबकि कुलदीप सदर थाने में तैनात था। एसएचओ विजय कुमार की गैर मौजूदगी में कुलदीप के पास पिछले चार दिनों से थाना प्रभारी की जिम्मेदारी थी।
उधर, परिजनों का कहना है कि कुलदीप इतना कमजोर नहीं था। उसकी मौत के पीछे किसी का हाथ जरूर है। इसके लिए आला अधिकारियों से मिलकर सही जांच की मांग की जाएगी।
पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार का कहना है कि निरीक्षक कुलदीप की मौत के मामले में धारा 174 के तहत कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए बैलेस्टिक रिपोर्ट का इंतजार है।
जांच को दिशा देने में इस रिपोर्ट से मदद मिलेगी। इसके अलावा उसके परिजनों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। परिजनों से पता लगाया जाएगा कि मौत से पहले कोई ऐसी बात तो उनके सामने नहीं आई थी कि जिससे लगे कि वह परेशान थे या फिर उन्हें कोई और परेशान कर रहा था।
परिजनों ने कुलदीप के व्यवहार या बातचीत में कुछ ऐसा देखा हो, जिसके कारण ही उसकी जान गई हो। आयुक्त ने कहा कि इस जांच में समय जरूर लग सकता है। लेकिन पूरी जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।