जिस कोरोना संक्रमित महिला को अस्पताल में भर्ती करने के बाद पूरा अस्पताल सील करना पड़ा था, उसी महिला ने डिस्चार्ज करने को लेकर हंगामा कर दिया और जबरदस्ती घर चली गई। महिला को अस्पताल से ले जाने में उसके पति ने भी सहयोग किया।
महिला को अस्पताल से जाने से रोकने के लिए डॉक्टर, नर्स और सुरक्षाकर्मियों ने दूर से ही प्रयास किया लेकिन वह चिल्लाती हुई अस्पताल से भाग गई। महिला को ब्लड बैंक में कार्यरत एक कर्मचारी की सिफारिश पर भर्ती किया गया था। स्टाफ के पास अब उसका पता नही हैं।
अस्पताल से जाते ही महिला ने मोबाइल भी बंद कर लिया। एनीमिक (खून की कमी) महिला को आठ जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे तीसरे दिन खून चढ़ाया जा रहा था। 13 जून को बुखार होने पर कोरोना की जांच की गई तो वह संक्रमित मिली।
दूसरे सैंपल की क्रास जांच के लिए सैंपल मेरठ भेजा गया तो सैंपल डैमेज बताते हुए दूसरा सैंपल मांगा गया। बृहस्पतिवार को दूसरा सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। इसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। रिपोर्ट आने से पहले ही महिला अस्पताल से भाग गई।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. दीपा त्यागी ने बताया कि महिला को रोकने का खूब प्रयास किया गया। सीएमओ को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है। पुलिस को भी सूचना दे दी गई है।