राजधानी के अस्पतालों में बुखार और डेंगू मरीजों की संख्या इस कदर बढ़ गई है कि सरकारी अस्पताल तक को नोटिस चस्पा कर बताना पड़ रहा है कि अस्पताल में एक-एक बिस्तर पर दो-दो मरीज भर्ती हैं, इसलिए अपने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में इलाज के लिए लेकर जाएं।
यह हाल तब है जब दिल्ली के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने बार-बार कहा है कि किसी भी मरीज को भर्ती करने से इनकार नहीं किया जाए। बिस्तर बढ़ाने की आवश्यकता हो तो बिस्तर बढ़ाएं, जरूरत हो तो नए बिस्तर खरीदें। लेकिन सरकार के इस आदेश का दिल्ली सरकार के अस्पतालों में ही सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा है।
रोहिणी सेक्टर-6 स्थित 500 बिस्तरों वाले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर अस्पताल में मरीजों की भीड़ का आलम यह है कि डेंगू और मेडिसिन वार्ड के अलावा अस्पताल के अन्य दूसरे वार्ड में भी डेंगू और उसके संभावित मरीजों को ही भर्ती कराया गया है।
वही मरीज भर्ती जिनकी स्थिति बेहद खराब है
अस्पताल में सभी तरह की इलेक्टिव सर्जरी टाल दी गई है। आपातकालीन विभाग में आने वाले डेंगू और बुखार के अलावा उन्हीं मरीजों को भर्ती किया जा रहा है जिनकी स्थिति बेहद खराब है और फौरन इलाज या सर्जरी की जरूरत है।
दरअसल अस्पताल में हर जगह डेंगू और बुखार के ही मरीज भर्ती हैं। मरीजों की भीड़ से परेशान होकर अंबेडकर अस्पताल प्रशासन की ओर से एक नोटिस चस्पा किया गया है, जिसमें लिखा है, ‘इस अस्पताल में बुखार व डेंगू के मरीजों की अत्यधिक भीड़ व हर बिस्तर पर दो-दो मरीज भर्ती हैं।
इसलिए आप अपने मरीज का जल्दी इलाज व भर्ती कराने के लिए नजदीक के दिल्ली सरकार के अस्पतालों में ले जाएं। वहां बुखार और डेंगू के इलाज के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध है।'
मरीजों के सामने कम पड़ रहे हैं डॉक्टर
अंबेडकर अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक पुनीता महाजन का कहना है कि जबरन किसी मरीज को नहीं भेजा जा रहा है, अस्पताल की स्थिति से अवगत कराया गया है।
मरीजों से कहा गया है कि हर बिस्तर पर दो-दो मरीज हैं और मरीजों की संख्या के सामने डॉक्टर व दूसरे स्वास्थ्यकर्मी कम पड़ रहे हैं, इसलिए मरीजों को यह सूचना दी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई से अब तक अस्पताल में डेंगू के 700 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है।