हाईकोर्ट ने राजधानी में बच्चों से यौन शोषण के चार हजार से भी अधिक मामलों के लंबित होने पर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि जिस हिसाब से इन मामलों का निपटारा हो रहा है उसे देखते हुए अदालतों के गठन पर विचार किया जाना जरूरी है।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने कहा कि यह एक गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दा है। इन मामलों का निपटारा समयबद्ध ढंग से किए जाने पर विचार जरूरी है।
अदालत ने दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा पेश रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद उक्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि पेश डाटा में जो तथ्य दिए गए हैं वे काफी चौंकाने वाले हैं। बच्चों से यौन शोषण के मामलों का समयबद्ध ढंग से निपटारा जरूरी है।