रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर अनशन पर बैठे दिव्यांगों की तबियत लगातार बिगड़ती जा रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान अनशन पर बैठे तीन दिव्यांगों की हालत बिगड़ गई, जिनमें से दो को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दिव्यांगों का साफ कहना है कि उनकी मांग जब तक पूरी नहीं होती, विरोध का सिलसिला जारी रहेगा।
मंडी हाउस चौराहे पर दिव्यांगों के बैठने की वजह से आईटीओ से कनॉट प्लेस सहित चारों तरफ की सड़कों पर वाहनों का प्रवेश इस रास्ते से बंद है। इससे वाहन चालकों को तीसरे दिन भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रुप डी के पदों पर नियुक्ति न मिलने से देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे दिव्यांग विरोध जता रहे हैं। रेल मंत्रालय या रेलवे बोर्ड की तरफ से मामले की सुनवाई न करने पर एक बार फिर दिव्यांगों ने विरोध दर्ज करवाना शुरू कर दिया है।
विरोध के दौरान 15 दिव्यांग अनशन पर बैठ गए, लेकिन बुधवार रात 11 बजे दिव्यांग सीमा और भावना की तबियत बिगड़ने लगी, लेकिन मांगों को लेकर बारिश में भी दिव्यांग हटने के लिए नहीं तैयार हुए। बृहस्पतिवार शाम एक बार फिर दिव्यांग भावना की तबियत बिगड़ गई, जिसे अस्पताल ले जाया गया।
शाम के वक्त दिव्यांग जोगिंदर की भी अचानक तबियत बिगड़ने के बाद राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। पुरु और नवीन सहित अन्य दिव्यांगों ने कहा कि उनका विरोध जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती।
वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किल
मंडी हाउस चौराहे के पास भगवान दास रोड बंद होने की वजह से इससे आगे की सड़कों पर वाहन नहीं जा सकते हैं, क्योंकि चौराहे पर सड़क पर भी दिव्यांगों ने डेरा डाल दिया है। ऐसे में पूर्वी दिल्ली से कनॉट प्लेस, गुरुद्वारा बंगला साहिब, केंद्रीय सचिवालय, राजेन्द्र नगर, पटेल नगर सहित अन्य क्षेत्रों में पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ा। इस दौरान जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही, खासकर सुबह और शाम के वक्त मुश्किल रही।