फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीच राह ट्रेन से बैरंग लौटाए गए तीर्थयात्री, लापरवाही का आरोप

Fri, 29 Nov 2019 04:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
मथुरा जंक्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मॉडल टाउन के करीब चालीस बुजुर्ग नागरिकों ने सोचा तो यही था कि विधायक जी ने बता दिया है तो इस बार जगन्नाथपुरी की यात्रा हो जाएगी। सभी चालीस लोग एक हफ्ते की तीर्थयात्रा के लिए सामान के साथ ट्रेन में सवार हो गए। 

विज्ञापन


झटका तब लगा जब इनमें से कुछ लोगों को मथुरा में उतार दिया गया और बताया गया कि न तो इस ट्रेन में आप लोगों का टिकट है न होटल का रजिस्ट्रेशन। इसके बाद सभी वाया रोड वापस दिल्ली लौट गए। सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन ने इस बारे में मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।

पूरा वाकया 22 नवंबर का है। रात 8 बजे मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत चलने वाली ट्रेन सफरदजंग रेलवे स्टेशन से जगन्नाथपुरी के लिए रवाना हुई। एसोसिएशन के उप प्रधान दिनेश शर्मा का आरोप है कि बुजुर्गों ने विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी को 90 फॉर्म दिए थे। 
विज्ञापन


लेकिन जब पहली यात्रा में टिकट नहीं मिला तो उन्होंने अगली बार ले जाने की बात कही। 22 नवंबर को सभी ट्रेन में बैठ गए। लेकिन मथुरा से आगे नहीं जाने दिया गया। रात करीब दो बजे 80-85 साल के कई बुजुर्ग स्टेशन पर भटकते रहे। दिनेश शर्मा ने स्थानीय विधायक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। 

दूसरी तरफ स्थानीय विधायक का कहना है कि तीर्थयात्रा के लिए फार्म भरने वालों को लाटरी सिस्टम से टिकट दिया जाता है। योजना के तहत टिकट देने की यही प्रक्रिया है। 40 लोगों के इस समूह की लॉटरी न तो पहली यात्रा में निकली और न ही दूसरी में। लेकिन संशय में ये लोग स्टेशन पर पहुंच गए थे। इसी तरह दूसरी विधानसभाओं से भी कुछ लोग आ गए थे। 

सूचना मिलने पर इसमें से करीब 30 लोगों को स्टेशन पर समझा बुझाकर उतार लिया था। लेकिन इनमें से आठ-दस लोग ट्रेन में बैठ गए। टिकट न होने से उनको मथुरा रेलवे स्टेशन पर उतार दिया गया। अखिलेश पति का कहना है कि सभी लोगों के फार्म उनके पास है। जब भी टिकट होगा, उनकी यात्रा कराई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें