वेतन नहीं मिलने के विरोध में तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टरों में एक की तबीयत बिगड़ गई। उनका शुगर लेवल गिर गया था। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी। उधर, हिंदूराव अस्पताल के कुछ डॉक्टरों ने इंडिया गेट और कनाट प्लेस पहुंचकर विरोध जताया।
उत्तरी नगर निगम के हिंदूराव और कस्तूरबा गांधी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर वेतन नहीं मिलने के विरोध में 16 दिन से अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठे हैं। इसके अलावा दो बार डॉक्टर जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन कर चुके हैं। हिंदूराव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर अभिमन्यु का कहना है कि वरिष्ठ डॉक्टरों का भी साथ मिल गया है।
वेतन की मांग को लेकर नगर निगम चिकित्सक संघ के डॉक्टरों ने भी सोमवार से सामूहिक अवकाश पर जाने की घोषणा की है। रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के साथ स्थायी डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश पर जाने से उत्तरी निगम के अधीन आने वाले सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो जाएंगी। इससे सैकड़ों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें जुलाई महीने से वेतन नहीं मिला है। कोरोना महामारी के इस संकट में परिवार चलाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तरी निगम के अधीन हैं छह अस्पताल
उत्तरी निगम के अधीन हिंदूराव, कस्तूरबा गांधी, राजनबाबू फेफड़े एवं क्षय रोग संस्थान, महर्षि वाल्मीकि संक्रामक रोग अस्पताल, गिरधर लाल प्रसूति अस्पताल, बालकराम अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा 28 डिस्पेंसरी भी हैं।