हरियाणा के मुस्लिम बहुल जिला मेवात की सरजमीं से बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार ने देशभर के मुसलमानों को यह संदेश देने की कोशिश की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपके हमदर्द हैं।
भाजपा या टीम मोदी वोट के खातिर नहीं , बल्कि दोस्त बनाने के लिए प्रोग्रेस पंचायत कर उनके द्वार पर दस्तक दे रही हैं। मुसलमानों में भाजपा और मोदी का खौफ पैदा करने वाले विरोधियों को भी यह बताने का भरसक प्रयास किया गया कि मुस्लिम पहले देश के नागरिक हैं, उनका वोट के लिए इस्तेमाल करने वाले होशियार रहें।
मुस्लिमों को साथ जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की प्रोग्रेस पंचायत मेवात के गांव किठौर में लगी। इसमें हजारों मुस्लिम जुटे। पंचायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूत व केंद्रीय अल्पसंख्क मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मुख्तार अब्बास नकवी, शहरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह और हरियाणा के कई मंत्रियों और नौकरशाहों ने शिरकत की।
पंचायत में मुस्लिमों से आह्वान किया गया कि वह राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ें। उनके शैक्षिक, आर्थिक, सामाजिक स्तर में बदलाव लाने को केंद्र सरकार मुस्तैद है। पंचायत में मान-सम्मान के लिए मुस्लिमों से मोदी का साथ देने का आग्रह किया गया। साथ ही यह अहसास कराया गया कि आपके स्वाभिमान और देश की सुरक्षा मोदी कर सकते हैं।
’मदद हमारी-मंजिल आपकी’
पंचायत
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इसलिए ’मदद हमारी-मंजिल आपकी’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। कहा गया कि मोदी मुस्लिमों समेत हर समाज को समान मौका देना चाहते हैं। केंद्र सरकार पंचायत के जरिए उन्हें गले लगाने आई है।
पंचायत में यह भी विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि दिल्ली के दरवाजे मुस्लिमों के लिए हर वक्त खुले हैं। इस दौरान खुद मंत्री ने नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगवाकर मुस्लिमों से साथ रहने का संकल्प लिया।
नकवी ने पंचायत में मुसलमानों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं को गिनाकर यह साबित करने की कोशिश की कि केंद्र सरकार दिखावे में नहीं काम में विश्वास करती है।
नकवी के दुखती नस पर हाथ रखते ही पंचायत में मुस्लिमों का दर्द जुबां पर आ गया। बोले कि अभी तक ना सही रोजगार मिला, न अच्छी शिक्षा मिली और न ही विकास में हिस्सेदारी हासिल हुई।
सच्चर कमेटी की पूरी रिपोर्ट मेवात की असलियत पर तैयार हुई, लेकिन उसके समाधान को ठोस पहल नहीं की गई। नकवी ने ग्रामीणों के मन की बात समझी और भरोसा दिया कि हमारा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि विकास का एजेंडा है।