संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने रिपोर्ट सौंपी है। इसमें अदालत को बताया गया कि बरसाती नाले में गैर-उपचारित सीवेज मिलने के कारण डिफेंस कॉलोनी नाले से दुर्गंध आती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बरसाती नाले को मुख्य रूप से वर्षा जल ले जाने के लिए तैयार किया गया है। डिफेंस काॅलोनी नाले के ढके हुए हिस्से के 1,300 मीटर में से एमसीडी ने 630 मीटर के पहले खंड से गाद हटा दी है, जबकि शेष भाग में काम चल रहा है।
वहीं, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने कहा कि डिफेंस काॅलोनी नाला मूल रूप से एक बरसाती नाला है। दुर्गंध की समस्या का समाधान केवल सीवर इंटरसेक्शन है, जोकि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस बरसाती नाले में सीवेज के अवैध कनेक्शन और डायवर्जन को रोकना अनिवार्य है ताकि इसे वर्षा जल चैनल के रूप में उपयोग करने के लिए फिर से इस्तेमाल किया जा सके।