नीना रावल एक वर्ष से मानसिक तौर पर बीमार चल रही है। यह कहना है नीना के पिता अशोक रावल का। उन्होंने बताया कि कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) पास नहीं कर पाने के बाद से वह परेशान है।
गुंडों द्वारा नीना की मार्कशीट फाड़ने की घटना की जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने बताया कि बेटी ने ऐसा क्यों किया, इसके बारे में पता नहीं है। फिलहाल वह उसे लेने दिल्ली रवाना जा रहे हैं।
झंडापुर निवासी नीना रावल के पिता अशोक रावल ने बताया कि बेटी ने दो वर्ष पहले नोएडा के एक कॉलेज से बीबीए किया था।
इसके बाद वह कैट की तैयारी कर रही थी लेकिन कैट क्वालिफाई नहीं होने के बाद से वह परेशान रहने लगी। करीब एक वर्ष से वह मानसिक रूप से बीमार है। उसका इलाज चल रहा है।
छोड़ दिया था कॉलेज
पिता ने बताया कि पिछले साल उन्होंने नीना का दाखिला पीजीडीएम में नोएडा के एक कॉलेज में करवा दिया था। मगर उसने कुछ समय बाद ही कॉलेज जाना छोड़ दिया। मानसिक बीमार होने के चलते ही उसने कॉलेज छोड़ा था।
पड़ोसी बोले, शांत स्वभाव की है नीना
घटना का पता लगते ही नीना के घर आसपास के लोग पहुंचने लगे। लोगों ने बताया कि नीना शांत स्वाभाव की है। हालांकि कुछ समय पहले से वह बीमार रहती है।
घर पर नोएडा जाने की बात कही थी
साहिबाबाद। नीना के छोटे भाई अतुल रावल ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब दो बजे वह बहन को वसुंधरा रेड लाइट छोड़कर आया था। नीना ने घर पर बताया कि वह नोएडा स्थित कॉलेज से कुछ डॉक्युमेंट्स लेने जा रही है।
वह दिल्ली कैसे पहुंची इसकी जानकारी नहीं है। पिता ने बताया कि वह बेटी को लेने के लिए दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल जा रहे हैं।
पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद बेटी की तबीयत खराब हो गई है। नीना के घर में उनके पिता, तीन छोटे भाई और उनकी मां है।