स्ट्रक्चरल स्टील फ्रेम व प्रोटेक्शन मेश से नाले में मलबा-कचरा गिरने रूकेगा
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने बिहारीपुर नाले के 650 मीटर लंबे हिस्से को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत नाले के ऊपर स्ट्रक्चरल स्टील फ्रेम व लोहे की जाली (प्रोटेक्शन मेश) लगाई जाएगी, ताकि नाले में निर्माण सामग्री व ठोस कचरा गिरने से रोका जा सके।
दिल्ली सरकार व नगर निगम हर साल नालों की सफाई व गाद निकासी पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। विभाग का मानना है कि जाली लगने से दोबारा कचरा नहीं गिरेगा, जिससे बार-बार होने वाले सफाई खर्च में कमी आएगी और जल निकासी लंबे समय तक प्रभावी बनी रहेगी।
यह नाला बिहारीपुर गांव, बिहारीपुर एक्सटेंशन, खजूरी खास, सभापुर व करावल नगर की जल निकासी से जुड़ा है। जाली लगने के बाद मानसून में पानी का प्रवाह सुचारू रहेगा, जिससे सड़कों व गलियों में जलभराव से राहत मिलेगी और मच्छर-मक्खियों के प्रजनन व डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम में भी मदद होगी। यह काम पांच महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।