दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा दिल्ली मुंबई एक्सेस कंट्रोल लिंक का काम सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि इस पर सितंबर के अंत तक वाहन फर्राटा भरने लगेेंगे।
इस कंट्रोल लिंक की कुल लंबाई 60 किलोमीटर है। इसमें से 12 किमी का हिस्सा दिल्ली में आता है। इसमें से नौ किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड है। इसी एलिवेटेड हिस्से पर निर्माण कार्य अभी बचा हुआ है। शेष हिस्सों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। उस पर वाहन चल भी रहे हैं।
दिल्ली में डीएनडी से शुरू हो रहा दिल्ली मुंबई एक्सेस कंट्रोल लिंक के निर्माण कार्य में कई चुनौतियां हैं। नौ किमी के एलिवेटेड हिस्से में चार स्थानों पर मेट्रो लाइन के ऊपर फ्लाईओवर बनना है साथ ही आगरा नहर पर भी फ्लाईओवर का निर्माण होना है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली के हिस्से में सघन आबादी और अधिक ट्रैफिक के दबाव के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होता है। हालांकि अधिकतर काम पूरा कर लिया गया है। चार से पांच माह में बचा हुआ काम पूरा कर लिया जाएगा। प्रोजेक्ट को सितंबर तक पूरा करने की कोशिश है।
ऐसे में दिल्ली और एनसीआर के वाहन चालकों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक आवाजाही सिग्नल फ्री हो जाएगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अभी सोहना से शुरू हो रहा है। इसे दिल्ली से लिंक करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने योजना तैयार की थी।
इसमें महारानी बाग के पास से डीएनडी फ्लाईवे से सोहना तक करीब 60 किमी लंबा एक्सेस कंट्रोल लिंक तैयार करना है। इसकी अनुमानित लागत करीब पांच हजार करोड़ है। पूरा लिंक तीन खंडों में तैयार हो रहा है, जिसमें दो खंडों का काम पूरा हो चुका है। 26 किमी के फरीदाबाद से सेक्टर-65 तक केएमपी पर वाहन चल रहे हैं।
वहीं, जैतपुर से फरीदाबाद के सेक्टर-65 तक के 24 किमी हिस्से का काम पूरा भी हो गया है। डीएनडी से जैतपुर के बीच 12 किमी के हिस्से में से नौ किमी के एलिवेटेड हिस्से पर काम चल रहा है।