दिल्ली सरकार व उपराज्यपाल के बीच चल रही जंग की गूंज हाईकोर्ट में भी पहुंच गई है। हाईकोर्ट ने तीन मामलों की सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आम लोग बेहतर सरकार चाहते थे आखिर ये हो क्या रहा है।
अदालत ने सरकार के रवैये पर कहा कि किसी भी प्रकार का काम करने की अपेक्षा वहां (दिल्ली सचिवालय) तुम अधिकारी के कार्यालय को सील कर देते हो। इतना ही नहीं अदालत ने केंद्र सरकार को भी इस मुद्दे पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि आप लोग मिलकर काम क्यों नहीं करते।
दरअसल मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष अल्पसंख्यक स्कूलों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों को दाखिला, नर्सरी दाखिला दिशा निर्देश चुनौती व अशक्तों के लिए ट्रैफिक लाइट पर सुविधा प्रदान करने के मामलों पर सुनवाई तय थी।
सुनवाई शुरू होने पर दिल्ली सरकार व केंद्र की तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कोर्ट मास्टर आरके गुप्ता को निर्देश दिया कि वे दिल्ली सरकार के वकील को बुलाएं। कोर्ट मास्टर गुप्ता ने देखा कि अधिवक्ता रमन दुग्गल वहीं बैठे थे और उन्होंने कहा कि दुग्गल ही पेश होते हैं।