मेवात क्षेत्र में निरंतर फैलते बुखार से लोगों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। साकरस गांव में बुखार से पीड़ित 16 वर्षीय युवती की बुधवार को दर्दनाम मौत हो गई।
बुखार से युवती की मौत होने से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। बता दें कि मेवात क्षेत्र में इस समय शहर व गांवों में वायरल, चिकनगुनिया, दिमागी व डेंगू बुखार बड़ी तेजी से पैर पसार रहा है।
इस बुखार में पीड़ित व्यक्ति के शरीर के हड्डी के प्रत्येक जोड़ में तेज दर्द होने लगता है। शरीर में कमजोरी आने के साथ-साथ हाथ-पैर जकड़ जाते हैं।
साकरस गांव की शहरुना पुत्री कल्लू उम्र 16 वर्ष को दो दिन पूर्व तेज बुखार हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार गांव में ही खुली हुई
प्रयोगशाला में शहरुना के रक्त की जांच करवाई गई, तो जांच के बाद उसे बुखार घोषित किया गया। बुखार होने के बाद शहरुना
के शरीर में प्लेटनेटस काफी कम होने लगे।
बुधवार को उसके परिजन उसका उपचार करवाने के लिए फिरोजपुर झिरका ला रहे थे कि अचानक उसकी तबीयत रास्ते में काफी ज्यादा खराब हो गई। जिसके बाद शहरुना को वापिस गांव साकरस ले जाया गया।
जहां पर उसकी मौत हो गई। शहरुना की मौत के बाद गांव के लोगों में हडकंप मचा हुआ है। वहीं गांव में सन्नाटा सा पसरा हुआ है।
मेवात में निरंतर बढ़ते बुखार के चलते बताया जाता है कि मरीजों की संख्या लगभग साढ़े चार हजार तक पहुंच गई हैं। बुखार है
कि अभी तक लोगों का पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा हैं।
झोलाझाप डाक्टरों की हो रही है बल्ले-बल्ले
बुखार के सीजन में झोलाछाप डाक्टरों की बल्ले-बल्ले हो रही है। बुखार के मरीज को ड्रिप लगाने के साथ इंजेक्शन लगाकर भारी भरकम फीस झोला छाप डाक्टर वसूल कर रहे हैं। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।