नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय देखभाल एवं सहयोग दिवस पर नई दिल्ली में 14 बाल देखभाल कर्मियों को सम्मानित किया गया। भारत को 2050 तक 3.1 से 3.8 करोड़ औपचारिक देखभाल कर्मियों की आवश्यकता होगी, जिनमें 1.5 से 2.2 करोड़ बच्चों की देखभाल के लिए होंगे।
फोरम फॉर क्रेचेज एंड चाइल्डकेयर सर्विसेज (फोर्सेस) ने ग्लोबल अलायंस फॉर केयर और यूएन वीमेन इंडिया के साथ मिलकर यह आयोजन किया। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने कहा कि आंगनवाड़ी, आशा और बाल देखभाल कर्मियों के काम को उचित पहचान, सम्मान और मेहनताना मिलना चाहिए। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) गीता मित्तल ने भी देखभाल कर्मियों को उनके कौशल के अनुरूप रोजगार और उचित वेतन दिए जाने पर जोर दिया। नीति आयोग के सदस्य एम श्रीनिवास ने महिलाओं को प्रशिक्षण देकर देखभाल सेवाओं से जुड़े छोटे उद्यम शुरू करने के अवसर बढ़ाने की बात कही। संवाद