दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के बीच वैट की दर में एकरूपता लाने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। वहीं, अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए एक कमेटी के गठन का भी प्रस्ताव है। दिल्ली सचिवालय में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
इसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल व वित्त मंत्री पीएस ढींढसा, हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, हिमाचल प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश चौधरी शामिल रहे। विदेश यात्रा पर होने की वजह से बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शामिल नहीं हो पाए।
दिल्ली सरकार ने पड़ोसी राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक बैठक बुलाई थी। इसका मकसद संबंधित राज्यों में वैट की एकसमान दर की संभावना तलाश करना था। दिल्ली सरकार का मानना है कि दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों में कर की दरों में काफी असमानता है।