मेवात के जिला मुख्यालय नूंह में कुल 23 हजार लोगों की आबादी पर बने नूंह नगर पालिका के 13 वार्डों में से अधिकांश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छता अभियान कामयाब नहीं हो पाया है। सफाई कर्मचारियों की कमी से क्षेत्र का और बुरा हाल है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका के पास 18 नियमित और 36 अनियमित सफाई कर्मचारी हैं मगर इनकी समस्याओं की मांग कई बार उठने के बावजूद समाधान नहीं हो पाया है। शहर में सफाई के मुद्दे पर पार्षद संजय मनोचा करते हैं कि यहां प्रशासन सफाई कराने में रुचि नहीं दिखाता। सफाई कर्मचारियों की कमी भी इसकी बड़ी वजह है।
मेवात के उपायुक्त अशोक सांगवान ने कुछ दिन पहले जिले के चारों शहरों नूंह, फिरोजपुर झिरका, तावडू और पुन्हाना में स्वच्छता मुहिम चलाने के निर्देश दिए थे मगर नूंह शहर में इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा।
दुकानदार असलम का कहना है कि शहर की जामा मस्जिद और पुराने अलवर -दिल्ली रोड पर गंदगी आम देखी जा सकती है। सफाई व्यवस्था पर प्रशासन को जल्द ध्यान देने की जरूरत है।