फीस वृद्धि पर 10 दिन रोक लगाने के डीएम के आदेश को डीपीएसजी प्रबंधन ने बुधवार को ठेंगा दिखा दिया। आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए डीपीएसजी मेरठ रोड प्रबंधन ने बच्चों को 20 अप्रैल तक बढ़ी फीस जमा करने का नोटिस थमा दिया।
अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल हॉल में बुलाकर फीस जमा करने के लिए धमकाने का आरोप भी लगाया। दूसरी ओर डीएम द्वारा स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए गठित की गई टीम पर प्रबंधन की टिप्पणी से अभिभावकों का रोष कम नहीं हो रहा है।
डीपीएसजी, वसुंधरा अभिभावक एसोसिएशन का आरोप है कि मंगलवार को हुए हंगामे के बाद डीएम के हस्तक्षेप को स्कूल प्रबंधन ने ये कहते हुए नकार दिया कि डीएम इस मामले में कुछ नहीं कह सकते हैं।
प्रबंधन पीछे नहीं हटेगा। अभिभावक एसोसिएशन ने कहा कि डीएम ने जिस कमेटी का गठन किया है, वह 10 दिन में फीस वृद्धि पर अपना निर्णय देगी। इसके बाद ही रणनीति बनाएंगे। तानाशाही पर स्कूल में ताला जड़ेंगे।
डीपीएसजी पैरेंट्स सोसायटी के अभिभावकों ने डीएम के आदेशों का उल्लंघन और बच्चों के साथ हुए व्यवहार पर डीपीएसजी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को 20 तक फीस जमा करने के लिए सर्कुलर भी जारी किया है। डीपीएसजी सोसायटी के स्कूलों में फीस वृद्धि के खिलाफ तीनों विद्यालयों के 400 से ज्यादा अभिभावकों ने डीपीएसजी प्रबंधन ने खिलाफ प्रदर्शन किया था।
प्रिंसिपल ने फोन नहीं उठाया
बच्चों को धमकाने को लेकर जब प्रिंसिपल से कई बार संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।