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बच्चे बोले, जब परीक्षा नहीं दी तो कहां से आएगा रिजल्ट

Fri, 07 Oct 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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श‌िक्षक - फोटो : demo
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प्रदेश सरकार केसब पढ़ें-सब बढ़ें नारे को शिक्षक ही पलीता लगा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण बृहस्पतिवार को गांव गढख़ेड़ा में देखने को मिला। 
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औचक निरीक्षण करने पहुंची खंड शिक्षा अधिकारी ने नौनिहालों से पूछा कि क्या उनका रिजल्ट आ गया है, इसपर नौनिहालों ने जबाव दिया कि जब परीक्षा ही नहीं दी, तो रिजल्ट कहां से आएगा। 

यह सुनकर बीईओ दंग रह गईं। उन्होंने मुख्याध्यापक महेश कुमार को जमकर लताड़ लगाई। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी तक दे डाली। औचक निरीक्षण के दौरान स्कूल में कई खामियां उजागर हुईं। 
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बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे खंड शिक्षा अधिकारी अनीता शर्मा गांव गढख़ेड़ा के राजकीय हाई स्कूल पहुंची। निरीक्षण की सूचना लीक होने के कारण स्कूल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। 

शिक्षा अधिकारी को देख ग्राम पंचायत के पदाधिकारी व ग्रामीण भी स्कूल पहुंच गए। बीईओ ने सर्वप्रथम ग्रामीणों से समस्या सुनी। पंच चंद्रपाल लोर ने बीईओ के समक्ष शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। 

जिसपर बीईओ ने ऑनलाइन तबादले की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद समाजसेवी उदयपाल प्रजापति ने स्कूल में पानी की किल्लत की समस्या उठाई। 

जिसपर मुख्याध्यापक महेश ने बताया कि बच्चों को स्कूल में साफ पानी मुहैया कराया जाता है। नल खराब होने की शिकायत कर दी है, जल्द ही बनवा लिया जाएगा। 

गांव के बुजुर्ग महेंद्र पहलवान ने चौकीदार रमेश द्वारा स्कूल कमरों पर कब्जा करने व शराब पीने की शिकायत की। जिसपर सख्त रुख अपनाते हुए बीईओ ने चौकीदार को बुलाया लेकिन चौकीदार उस समय शराब के नशे में धुत पाया गया। बीईओ ने मुख्याध्यापक को चौकीदार का मेडिकल कराने के निर्देश दिए। 

इसके बाद बीईओ ने कक्षाओं का रुख किया। बीईओ छठीं कक्षा में पहुंची, उन्होंने बच्चों से पूछा कि मासिक परीक्षाएं कैसी रहीं। बच्चों ने जवाब दिया कि परीक्षा हुई ही नहीं। 

यह सुनकर बीईओ का दिमाग ठनक गया। मुख्याध्यापक ने प्रश्न पत्र की कमी का बहाना बनाया। नाराज बीईओ ने मुख्याध्यापक महेश व सीआरसी महेंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान आठवीं कक्षा में भी मासिक परीक्षा न होने की बात सामने आई। 

जमा-गुणा तक नहीं कर पाए बच्चे
बीईओ ने कक्षा छह के बच्चों को आठ गुणा नौ करने के लिए कहा, बच्चे गुणा नहीं कर पाए। इसके पश्चात बीईओ नौवीं कक्षा में गई। जहां बच्चों ने उनसे पंखा न चलने की शिकायत की।
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इस दौरान बीईओ ने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल आने की नसीहत दी। साथ ही ग्राम पंचायत से 17 अप्रैल को होने वाली पेरेंट्स टीचर मीटिंग को सफल बनाने, शिक्षक की कमी को दूर करने के लिए अस्थायी तौर पर शिक्षक लगाने, स्वच्छ पानी की व्यवस्था व साफ-सफाई में सहयोग मांगा। बीईओ स्कूल में करीब ढाई घंटे रही। 
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