सीएनजी वाहन फिटनेस घोटाले की जांच के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता वाली कैबिनेट से गठित जांच आयोग को गृह मंत्रालय ने गैर कानूनी करार दिया है।
उपराज्यपाल नजीब जंग ने इस मामले पर कानूनी राय के साथ गृह मंत्रालय को अवगत कराया था। अब मंत्रालय की तरफ से सूचना उपराज्यपाल के पास आ गई है।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि दिल्ली सरकार के पास संविधान या कमीशंस ऑफ एंक्वायरी एक्ट, 1952 के तहत इस तरह का अधिकार नहीं है। इसलिए जांच आयोग गठन करने की अधिसूचना गैर कानूनी है।
दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एसएन अग्रवाल की अध्यक्षता में जांच आयेाग के गठन करने का फैसला 11 अगस्त को किया था। जिसे पहली बैठक के बाद तीन महीने में रिपोर्ट देनी है।