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सुबह से दोपहर तक स्मॉग के साये में रही राजधानी, पराली से बिगड़ी दिल्ली की हवा

Sat, 24 Oct 2020 05:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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pollution in delhi ncr - फोटो : एएनआई
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दिल्ली में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार सुबह बेहद खराब हवाओं के साथ हुई। सतह पर चलने वाली हवाओं के तकरीबन शांत पडने से सुबह ज्यादातर इलाकों में स्मॉग की घनी चादर पसरी रही। इससे सड़कों पर साफ दिखना संभव नहीं था। दिन चढने के साथ हालात में थोड़ा सुधार हुआ और दिन भर का वायु गुणवता सूचकांक 24 घंटों में 70 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 366 पर पहुंच गया है। सफर का पूर्वानुमान है कि शनिवार को गुणवता गंभीर स्तर तक खराब हो सकती है। इसे देखते हुए ईपीसीए भी जरूरत के हिसाब से कदम उठाने को तैयार है।

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शुक्रवार को बढ़ते प्रदूषण पर सफर का आकलन है कि सतह पर चलने वाली हवाओं के तकरीबन शांत होने से प्रदूषक दिल्ली के वातावरण में टिक गए। इनका दूर-दूर तक फैलना संभव नहीं हो सका। इससे शुक्रवार सुबह से ही दिल्ली की हवा बेहद खराब रही। दस बजे का सूचकांक 370 से ऊपर चला गया था। हालांकि, दिन में धूप खिलने से प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हुआ। सीपीसीबी की तरफ जारी 24 घंटों का औसत वायु गुणवता सूचकांक 366 रहा। शुक्रवार को यह 296 रिकॉर्ड किया गया था।

सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक हवा की चाल में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इससे प्रदूषकों के दिल्ली से दूर जाने की उम्मीद है। वातावरण मे फैलकर वह दिल्ली के प्रदूषण स्तर बढ़ाएंगे। शनिवार और रविवार को कुछ समय के लिए गुणवता गंभीर स्तर में भी जा सकती है।
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दिल्ली के प्रदूषण में 17 फीसदी रहा पराली के धुएं का हिस्सा
सफर के मुताबिक, बृहस्पतिवार को पंजाब, हरियाणा व पड़ोसी इलाकों में पराली जलाने के 1213 मामले रिकार्ड हुए। इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 17 फीसदी पहुंच गया। 24 घंटे में इसमें आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। बृहस्पतिवार को यह आंकड़ा नौ फीसदी था।

ईपीसीए प्रदूषण की हालात पर रखे हुए नजर
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर ईपीसीए की नजर है। जरूरत के हिसाब से वह कदम उठाएगी। शुक्रवार को जारी ईपीसीए के एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि शनिवार को कुछ देर के लिए दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर स्तर पर प्रदूषित हो सकती है। हालांकि, यह स्पष्टï नहीं है कि 25 अक्तूबर को हवा की दिशा बदलने पर प्रदूषण पर क्या असर पड़ेगा। इस वक्त प्रदूषण रोकने के सभी विकल्पों पर सख्ती से काम करना है। वहीं, लोगों को प्रदूषण से बचने के लिए मॉस्क आदि पहनना चाहिए।

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