परिवार ने कहा, पुलिस लेती संज्ञान तो जिंदा होता बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दक्षिण-पूर्व जिले के कालिंदी कुंज थाना क्षेत्र से 10 दिन से लापता बच्चे का शव शुक्रवार को नहर किनारे बरामद हुआ। कालिंदीकुंज थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो शायद बच्चे को ढूंढा जा सकता था और वह जिंदा भी होता। कालिंदी कुंज थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मूलत: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के रहने वाला ऑटो चालक राजू अपने परिवार के साथ पिछले छह माह से जैतपुर खड्डा कॉलोनी में रहते हैं। राजू के परिवार में माता, पिता, भाई, बहन, पत्नी और एक बेटी हैं। जबकि बेटे अरमान की मौत हो गई है। राजू के भाई इमरान ने बताया कि वह भी ऑटो चलाता है। वह 13 जनवरी को अपने घर में ही मौजूद था, उस समय उनका भतीजा अरमान अपने घर के बाहर खेल रहा था। करीब तीन बजे तक उसे घर के बाहर ही खेलते हुए देखा गया था। जिसके बाद से वह अचानक गायब हो गया।
परिजनों ने जैतपुर खड्डा कॉलोनी और उसके आस-पास उसे ढूंढा नहीं मिलने पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने बच्चे से जुड़ा होने के चलते तुंरत मामले में परिजनों के बयान दर्ज किए और एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। शुक्रवार दोपहर इलाके के कुछ बच्चे नहर किनारे खेलने गए थे। बच्चों ने कूड़े के बीच बच्चे को पड़ा देखकर अरमान के घर जाकर बताया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। कालिंदी कुंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।