गुड़गांव के एक व्यक्ति के दो तीन पुराने आई फोन-6 में ब्लास्ट का मामला सामने आया है। ये घटना उस वक्त हुई जब वह हैंड्स फ्री मोड़ पर फोन से बात कर रहा था।
यह भारत में अक्टूबर 2014 से आई फोन की लॉचिंग के बाद का पहला मामला है।
एप्पल के एक प्रतिनिधी से मुताबिक कंपनी गुड़गांव की इस घटना को देख रही है और एप्पल आई फोन-6 को लेकर भारत में इससे पहले ऐसी को शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
कंपनी रिकॉर्ड के मुताबिक मार्च में अमेरिका में एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि एक द्वीप पर 3 डिग्री के तापमान पर उसका आई फोन-6 जेब में ही फट गया था।
बात के दौरान फोन से निकलने लगा धुंआ
ये घटना 20 जून को सामने आई जब रेस्त्रां चलाने वाले किशन यादव ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई। यादव के मुताबिक उसने गैलेरिया मार्केट से 60 हजार रूपए में 18 जून को ही फोन खरीदा था।
यादव ने कहा कि जब वह फोन से बात कर रहा था तो इससे धुआं निकलने लगा। जिसे देखकर उसने फोन को जमीन पर फेंक दिया और इसमें ब्लास्ट हो गया। जब उन्होंने फोन फेंका तो फोन कॉल ऑन थी और बैटरी 70 फीसदी चार्ज थी।
यादव फोन को लेकर जब उस दुंकान पर गए जहां से उन्होंने इसे खरीदा था तो दूकानदार ने उनके आरोपों को सुनने से मना कर दिया।
कैमरे के बजाय थमाया पत्थरों का बॉक्स
वहीं गुड़गांव की ही एक अन्य घटना में सस्ते में डिजिटल कैमरा पाने के चक्कर में एक व्यक्ति ठगी का शिकार हो गया। ठगों ने कैमरे के स्थान पर बॉक्स में पत्थर डाल उसे थमाया और फरार हो गए।
सोमवार रात करीब 10:00 बजे महेंद्रगढ़ निवासी हरपाल सिंह फाजिलपुर चौक के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान दो युवकों ने उन्हें रोककर कहा कि उनके पास एक अच्छी कंपनी का डिजिटल कैमरा है।
जिसे वे सस्ते में दे देंगे। युवकों ने 1500 रुपये में सौदा तय किया। इसी दौरान एक युवक ने हरपाल को बातों में लगा दिया और कैमरे का बॉक्स बदल दिया। बॉक्स थमाकर जब दोनों वहां से चले गए तो हरपाल ने बॉक्स खोलकर देखा।
उसमें कैमरे के स्थान पर पत्थर मिले। हरपाल ने सदर थाने पहुंचकर शिकायत दी। जब पुलिस हरपाल के साथ मौके पर पहुंची तो पास से ही एक ठग पकड़ में आ गया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी दिलशाद के रूप में हुई। पूछताछ के बाद मंगलवार सुबह पुलिस ने उसके साथी सरफराज को भी गिरफ्तार कर लिया।