धनतेरस पर दिनदहाड़े सेक्टर-63 पुलिस चौकी के सामने हुई डकैती की घटना का खुलासा हो गया है। फेस-3 पुलिस ने डकैती की साजिश रचने वाले बैंक कर्मचारी समेत तीन बदमाशों को हिरासत में लिया है। फिलहाल, पुलिस इनसे 29 लाख रुपये बरामद करने में सफल नहीं हो सकी है।
सेक्टर-63, सी-116 में यूनाइटेड एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड रेडीमेड गारमेंट की एक्सपोर्ट कंपनी है। 9 नवंबर को कंपनी के कर्मचारियों को सैलरी बांटने के लिए सेक्टर-63 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक से कंपनी के अकाउंटेंट हरी नारायण 29 लाख रुपये लेकर जा रहे थे।
कंपनी के तरफ जाने के लिए सेक्टर-63 पुलिस चौकी के सामने यू टर्न लेने के लिए चालक राम ने वैन को थोड़ा धीमा किया, तभी पीछे से सिल्वर वैगन आर कार सवार हथियारबंद छह बदमाशों ने ओवरटेक कर वैन को रोक लिया।
बदमाशों ने चारों ओर से वैन को घेर लिया था
पांच नकाबपोश बदमाश नीचे उतरे और जब तक राम व हरी नारायण कुछ समझ पाते, बदमाशों ने चारों ओर से वैन को घेर लिया। इसके बाद बदमाशों ने 29 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, डकैती की साजिश 7 नवंबर को रची गई थी। कंपनी को करीब 44 लाख रुपये 7 नवंबर को ही कोटक महिंद्रा बैंक से निकालने थे, लेकिन उस दिन बैंक में कैश की कमी होने से कंपनी को मात्र 13 लाख रुपये ही दिए गए थे।
बाकी के रुपये धनतेरस पर देने की बात हुई। यह पूरी बात बैंक के उस कर्मचारी के सामने हुई थी, जिसने डकैती की योजना बनाई।
आसानी से पुलिस चौकी के सामने वारदात अंजाम दे दी गई
हरी नारायण की पल-पल की जानकारी बैंक में बैठा कर्मचारी अपने गुर्गों को देता रहा और बड़े ही आसानी से पुलिस चौकी के ठीक सामने वारदात अंजाम दे दी गई।
26 अक्तूबर को दनकौर थाने से चंद कदमों की दूरी पर बदमाशों ने धावा बोला और सिंडिकेट बैंक में दिनदहाड़े 21.87 लाख की डकैती डाल दी।
इस घटना के 20 दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग नहीं लग सका है, लेकिन फेस-3 इलाके में हुई डकैती की घटना के खुलासे के बाद पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं सिंडिकेट बैंक डकैती की घटना की साजिश भी बैंक से तो नहीं रची गई थी।