लगता है कि मनचलों का खाकी से खौफ खत्म हो गया है। शोहदों के बढ़ते हौसले छात्राओं के लिए परेशानी का सबब बने है। हालात यह हो चले कि अब छात्राएं घर से बाहर निकलने में घबराने लगी है। पिछले दस दिन के भीतर तहसील क्षेत्र में आठ वारदातें छेड़छाड़ की हो चुकी हैं, लेकिन किसी में भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
मोदीनगर-मुरादनगर में आजकल शोहदों का आतंक है। सोमवार शाम दुहाई के पास कार सवार चार युवकों ने कार रोककर दो युवतियों से छेड़छाड़ की। शोर मचाने पर राहगीरों को आता देख आरोपी फरार हो गए।
मामला थाने तक पहुंचा लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करना गंवारा नहीं समझा, बल्कि युवतियों को थाने और कोर्ट के चक्कर लगाने का डर दिखाकर इतना परेशान कर दिया कि वे बिना तहरीर दिए ही लौट गईं।
यह ऐसा पहला मामला नहीं है। मोदीनगर कोतवाली अंतर्गत 28 अप्रैल को निवाड़ी रोड पर छेड़छाड़ को लेकर दो गुटों में संघर्ष हुआ। पुलिस ने तीन युवक पकड़े, लेकिन छेड़छाड़ की बजाय शांतिभग में कार्रवाई की।
छेड़छाड़ की घटनाएं
21 अप्रैल:गुरूद्वारा रोड पर युवती से छेड़छाड़।
22 अप्रैल:गोविंदपुरी में युवती से सरेराह छेड़छाड़।
28 अप्रैल:छेड़छाड़ को लेकर युवकों में मारपीट।
01 मई:नौवीं की छात्रा से छेड़छाड़, परिजनों ने पीटा।
03 मई:मुरादनगर में युवती से छेड़छाड़, लोगों ने धुना।
04 मई:निवाड़ी रोड पर इंस्टीटयूट की छात्रा को छेड़ा।
05 मई:मुरादनगर रेस्टोरेंट में छेड़छाड़ से हुई तोड़फोड़।
(पुलिस ने किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की)