श्रावन मास की पूर्णिमा 10 अगस्त को पड़ रही है। इस बार रक्षाबंधन का शुभ-मुहूर्त दोपहर 1.37 केबाद पड़ रहा है। दोपहर 1.37 मिनट तक भद्रा रहेगा। इसलिए दोपहर के बाद ही राखी बांधना शुभ होगा।
ज्योतिषाचार्य विष्णुदत्त सरस ने बताया कि रक्षाबंधन मनाना भद्रा काल में निषेध माना गया है। रविवार को दोपहर 1.37 मिनट तक भद्रा रहेगा इसलिए 1.37 के बाद ही राखी बांधना शुभ होगा।
हालांकि इस बार भद्रा का भास पाताल में है और दोपहर 11.55 मिनट तक आयुष्मान योग पड़ रहा है, इसलिए सुबह 11.55 पर भी राखी बांध सकते हैं। पंडित सरस ने बताया कि इस दिन ही गायत्री जयंती और संस्कृत दिवस मनाया जाता है।