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Delhi NCR News: दिल्ली के फ्लाईओवरों के नीचे बदलेगा माहौल, ऊपर ट्रैफिक-नीचे सजावट

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सीएम रेखा गुप्ता की मौजूदगी में एमओयू साइन, 6 बड़े फ्लाईओवरों के नीचे की जगहों का होगा सौंदर्यीकरण
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
फ्लाईओवरों के नीचे की खाली और उपेक्षित जगहें अब नई पहचान के साथ सामने आएंगी। सचिवालय में सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य फ्लाईओवरों के नीचे पड़ी खाली और अनदेखी जगहों को सुंदर, साफ और लोगों के उपयोग के लायक बनाना है। ये काम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत निजी कंपनियों के सहयोग से किया जाएगा।

इस एमओयू में डालमिया भारत लिमिटेड, गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप और इज माय ट्रिप फाउंडेशन शामिल हैं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तेजी से काम करने के लिए निजी क्षेत्र के साथ मिलकर आगे बढ़ रही है, ताकि दिल्ली को बेहतर और आधुनिक शहर बनाया जा सके। इस योजना के तहत फ्लाईओवरों के नीचे की जगहों को सिर्फ सजाया ही नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें उपयोगी भी बनाया जाएगा। इन स्थानों पर हरियाली विकसित की जाएगी, दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग और म्यूरल्स बनाए जाएंगे, बैठने की व्यवस्था होगी और साफ-सफाई का बेहतर इंतजाम किया जाएगा।
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मांगी सेतु पर रामायण थीम पर बनेंगे म्यूरल्स
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि परियोजना के तहत अलग-अलग कंपनियां विभिन्न फ्लाईओवरों पर काम करेंगी। इज माय ट्रिप फाउंडेशन अप्सरा बॉर्डर फ्लाईओवर (एमसीडी टोल टैक्स बूथ से यूपी बॉर्डर तक करीब 800 मीटर) और मयूर विहार फेज-1 फ्लाईओवर (कनाइन रोड कट से समाचार अपार्टमेंट तक करीब 820 मीटर) के नीचे की जगहों को विकसित करेगी। गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप नेताजी सुभाष पैलेस (एनएसपी) फ्लाईओवर (रिंग रोड से एनएसपी मेट्रो स्टेशन तक करीब 570 मीटर) का सौंदर्यीकरण करेगा। वहीं, डालमिया भारत लिमिटेड ओबराय फ्लाईओवर (नीला गुंबद से गोल्फ लिंक तक करीब 700 मीटर), लोधी फ्लाईओवर (ओबराय होटल से श्मशान घाट बीआरटी रोड तक करीब 700 मीटर) और मांगी सेतु, हनुमान सेतु (लाल किला से सलीमगढ़ किले तक करीब 400 मीटर) के नीचे के क्षेत्रों को नया रूप देगा। मांगी सेतु पर रामायण थीम पर आधारित म्यूरल्स भी बनाए जाएंगे, जो इसे सांस्कृतिक पहचान देंगे।
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