दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने चार करोड़ की ठगी में एक कंपनी के कथित निदेशक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने लोगों को रियल एस्टेट में निवेश करने पर रुपये दोगुने करने का झांसा दिया। इस मामले में आरोपी की बहन और जीजा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओपी मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान गुरुग्राम निवासी निखिल मिश्रा के रूप में हुई है। निखिल वाणिज्य में स्नातक है और वर्ष 2017 से गुरुग्राम स्थित कॉन्सेंट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सेल्स एक्जीक्यूटिव के पद पर काम कर रहा था। वर्ष 2018 में मंगतराम सहित अन्य लोगों ने शाखा में ठगी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि प्रिया अरोड़ा नाम की महिला खुद को एक रियल एस्टेट कंपनी का निदेशक बताती थी। उसके पति हरीश अरोड़ा और भाई निखिल मिश्रा भी निदेशक हैं। प्रिया ने लोगों के बताया कि कंपनी दिल्ली में कई मॉल का निर्माण कर रही है।
यदि वे इस परियोजना में निवेश करते हैं तो एक वर्ष में उनके निवेश से दोगुना रकम कंपनी उन्हें देगी। साथ ही मॉल में दुकान के लिए जगह भी देगी। आरोपियों के झांसे में आकर 14 लोगों ने चार करोड़ रुपये का निवेश कर दिया। बाद में शिकायतकर्ता को न तो दोगुनी राशि मिली और न ही निवेश किए गए पैसे लौटाए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। छानबीन में पता चला कि प्रिया अरोड़ा अपने पति और भाई के साथ ठगी की घटना को अंजाम दे रही थी।
पुलिस ने 11 मार्च 2019 को प्रिया को गिरफ्तार कर लिया। जबकि उसके पति को इस वर्ष जनवरी में गिरफ्तार कर लिया गया। छानबीन में निखिल ने ठगी में शामिल होने से इंकार कर दिया, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि निखिल के खाते में नौ लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को निखिल को पूछताछ के लिए बुलाया और पैसों के ट्रांजक्शन के बारे में पूछताछ की। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।