एक तरफ जहां केंद्र व प्रदेश सरकार बेटियों को बढ़ावा देने के लिए मुहिम चला रही है। वहीं औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की पुलिस महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए कतई गंभीर नहीं है। इसका ताजा उदाहरण शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की सुनवाई के दौरान देखने को मिला।
दुष्कर्म पीड़िता की व्यथा सुनकर आयोग की सदस्य की आंखें नम हो गईं। उन्होंने महिला थाना प्रभारी को फटकार लगाते हुए 10 दिन में रिपोर्ट तलब की है।
महिला आयोग की सदस्य साहू के सामने रोते हुए 17 वर्षीय एक किशोरी ने बताया कि 12 मार्च 2016 को अपनी छोटी बहन को बुलाने घर से बाहर गई तो पड़ोसी मुनाफ ने उसे अपने घर में खींच लिया और नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया।
बेहोशी की हालत में आरोपी मुनाफ ने दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो भी बनाई। इसके बाद मुनाफ ने ब्लैकमेल कर दो दोस्तों के साथ मिलकर फिर गलत हरकत की।