कम्यूनिटी संवाद
दिलशाद गार्डन में कम्युनिटी संवाद में पूजा समितियों ने उठाईं समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। दिलशाद गार्डन में दुर्गा पूजा समितियों ने आगामी शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा उत्सव के आयोजन में आ रही प्रशासनिक समस्याओं को उठाया। संवाद कार्यक्रम में प्रतिनिधियों ने जगह आवंटन, प्रशासनिक स्वीकृतियों में देरी और मूर्ति विसर्जन से जुड़ी प्रमुख चुनौतियां बताईं।
समितियों के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्वी दिल्ली में पंडाल लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन केवल 10 दिन का समय देता है। दिल्ली के अन्य हिस्सों में पूजा समितियों को आयोजन स्थल का आवंटन करीब एक महीने पहले मिल जाता है। इस सीमित अवधि के कारण आयोजकों को महज दो से तीन दिनों में निर्माण से लेकर सजावट तक का काम पूरा करना पड़ता है। इसी अल्प समय में उन्हें संबंधित विभागों से एनओसी प्राप्त करनी होती हैं। सार्वजनिक पूजा परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि स्थान आवंटन की अवधि बढ़ाई जाए।
संवाद में यह बात भी सामने आई कि सामुदायिक केंद्र में पूजा आयोजित करने वाली समितियों के सामने अक्सर अन्य आयोजनों की बुकिंग के कारण गतिरोध पैदा हो जाता है। बड़ी मूर्तियों के विसर्जन के लिए उपयुक्त व्यवस्था न होना भी एक बड़ी समस्या है। आयोजकों ने बताया कि डियर पार्क स्थित तालाब में पानी का स्तर बेहद कम रहता है। इससे 10 से 13 फीट ऊंची मूर्तियों का विसर्जन करना असंभव हो जाता है। विसर्जन के उपरांत मूर्तियों के अवशेषों का सम्मानजनक निस्तारण नहीं होता।
अन्य क्षेत्रों की तर्ज पर पूर्वी दिल्ली में भी पार्क आवंटन का समय कम से कम एक माह पहले तय होना चाहिए। प्रशासन समय सीमा बढ़ा दे तो समस्याएं कम हो जाएंगी।
— प्राबीर चक्रवर्ती, अध्यक्ष, सार्वजनीन पूजा परिषद
एनओसी की प्रक्रिया के लिए एकल खिड़की व्यवस्था करनी चाहिए। इससे समय बचेगा और इससे अन्य काम में फोकस बढ़ेगा।
— अराजीत दत्ता, सचिव, सार्वजनीन पूजा परिषद
कम्युनिटी सेंटर में पूजा का आयोजन करने के दौरान यदि बीच में किसी अन्य कार्यक्रम की बुकिंग होती है तो इससे परेशानी होती है।
— प्रशांता चौधरी, सदस्य, परोबासी दिलशाद कॉलोनी पूजा समिति
डियर पार्क स्थित विसर्जन स्थल पर केवल दो फीट पानी रहता है, जबकि बड़ी मूर्तियों के उचित विसर्जन करने में परेशानी होती है।
— पल्लब मजूमदार, अध्यक्ष पूर्वा दिल्ली कालीबाड़ी जे एंड के पॉकेट पूजा समिति