उबर कैब रेप केस में आरोपी शिव कुमार यादव के बतौर गवाह बयान दर्ज कराने से इनकार करने पर बुधवार को बचाव पक्ष की गवाही बंद कर दी।
अदालत ने सोमवार से अंतिम जिरह शुरू करने का निर्देश दिया है। शिव कुमार यादव ने एक बार फिर मीडिया पर गलत रिपोर्टिंग करने और इस कारण उसकी जेल में पिटाई होने का आरोप लगाया।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के आवेदन को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने केस तैयार करने के लिए एक माह का समय मांगा था।
अधिवक्ता मिश्रा ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि केवल इस केस को अपवाद बनाकर प्रतिदिन सुनवाई क्यों की जा रही है जबकि इसी अदालत में अन्य मामलों की सुनवाई साधारण तरीके से हो रही है।
आवेदन पर सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव व अधिवक्ता मिश्रा के तीखी नोकझोंक हुई जोकि आगे बढ़कर व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गई।
अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि बचाव पक्ष जान बूझकर केस को लटकाने की कोशिश कर रहा है। केस की स्पीडी ट्रायल केवल आरोपी के लिये नहीं है बल्कि पीड़िता के लिए भी है।